गौतमबुद्धनगर: कुपोषण के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर की बड़ी कामयाबी, एक साल में 18,364 बच्चे हुए सुपोषित!!
3,827 अति-कुपोषित और 14,537 कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने में मिली सफलता, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और अभिभावकों का सम्मान
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 8 सितंबर 2026।
गौतमबुद्ध नगर ने बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालकर सुपोषण की ओर ले जाने के अभियान में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में पिछले एक वर्ष के दौरान 18,364 बच्चों को कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों से बाहर निकालकर सामान्य पोषण श्रेणी में लाया गया है। इनमें 3,827 अति-कुपोषित (SAM) तथा 14,537 कुपोषित (MAM) बच्चे शामिल हैं। यह उपलब्धि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निरंतर प्रयासों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जमीनी स्तर पर निगरानी और बच्चों के अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता का परिणाम है।
इसी उपलब्धि को लेकर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग तथा महिला कल्याण विभाग की ओर से विकास भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अयोध्या में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की गई। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये तथा सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
1,108 आंगनबाड़ी केंद्रों में 81 हजार से अधिक बच्चों की निगरानी
गौतमबुद्ध नगर में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की पांच परियोजनाओं के अंतर्गत 1,108 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के 81,159 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों के वजन, स्वास्थ्य और पोषण स्तर की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि कुपोषण की समय से पहचान कर आवश्यक उपचार एवं पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि 18 हजार से अधिक बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकालकर सामान्य पोषण श्रेणी में लाना जनपद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी विभागों के प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की लगातार मेहनत और बच्चों के माता-पिता एवं परिवारों की सक्रिय भागीदारी भी इसमें महत्वपूर्ण रही है।
सुपोषित बच्चों और अभिभावकों से किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान प्रशासक जिला पंचायत अमित कुमार एवं जिलाधिकारी मेधा रूपम ने SAM और MAM श्रेणी से बाहर निकलकर सामान्य पोषण श्रेणी में पहुंचे बच्चों एवं उनके अभिभावकों से संवाद किया। जिलाधिकारी ने अभिभावकों से बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य में हुए सुधार की जानकारी ली तथा उन्हें बच्चों को नियमित रूप से विविध एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान सुपोषित हुए बच्चों को खिलौने एवं पुस्तिकाएं वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि टेक-होम राशन (THR) सहित सभी पोषण योजनाओं का पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिन्हित बच्चे के पोषण स्तर की नियमित निगरानी हो और जिन बच्चों में पोषण संबंधी जोखिम दिखाई दे, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सही पोषण ही स्वस्थ बचपन और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। परिवार, आंगनबाड़ी केंद्र और समुदाय को मिलकर बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी निभानी होगी। नियमित वजन एवं स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी परामर्श और अभिभावकों को जागरूक करने की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जाएगी।
हर निवाले में विविधता, पोषण में खुशहाली का संदेश
कार्यक्रम में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत पोषण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। इस वर्ष ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ ‘हर निवाले में विविधता, पोषण में खुशहाली’ का संदेश दिया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों एवं परिवारों के भोजन में अनाज एवं मिलेट्स, दालें, फल-सब्जियां, दूध, मावे तथा अन्य पोषक खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है। विविध आहार से बच्चों के शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पोषण के साथ-साथ खेल-खेल में सीखने, बातचीत और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रारंभिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सम्मानित
जनपद की इस उपलब्धि में योगदान देने वाली प्रत्येक परियोजना से सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दो-दो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं दो-दो सहायिकाओं के साथ सुपोषित हुए बच्चों की माताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके बच्चों को खिलौने भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति सामुदायिक सहभागिता और जवाबदेही मजबूत करने, बच्चों को बेहतर पोषण एवं प्रारंभिक विकासात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाने की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम में प्रशासक जिला पंचायत अमित कुमार, जिलाधिकारी मेधा रूपम, मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, सीडीपीओ सिटी अनामिका सिंह सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
संदेश: स्वस्थ बच्चा • सशक्त परिवार • सुपोषित गौतमबुद्ध नगर — हर निवाले में विविधता, पोषण में खुशहाली।
