बुधवार, 9 सितंबर 2026

गोण्डा- आपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत थाना को0 देहात की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने पीड़िता की फ्रांड गयी 7,120/- कराए वापस

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गोण्डा- आपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत थाना को0 देहात की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़िता की फ्रांड गयी 7,120/- रूपये वापस कराए। पैसे वापस मिलने पर पीड़िता ने गोण्डा पुलिस को धन्यवाद दिया। थाना को0 देहात की साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़िता की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बन्धित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए 7,120/- पीड़िता के खाते में वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना को0 देहात की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण-
थाना कोतवाली देहात क्षेत्रान्तर्गत एक महिला द्वारा थाना को0 देहात की साइबर हेल्प डेस्क में अज्ञात व्यक्ति द्वारा पेंसिल पैंकिग का कार्य उपलब्ध कराने तथा प्रतिमाह 15,000/- कमाने का लालच का झांसा देकर रू0 की साइबर फ्रांड होने की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसपर थाना को0 देहात की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़िता के 7,120/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। 
नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।
साइबर सुरक्षा टिप्स-
1. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
2. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। 
3. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
4. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
5. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
6. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
7. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
8. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
9. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें।