सोमवार, 31 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: गौशालाओं की व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गोवंश के संरक्षण और स्वास्थ्य पर रहे विशेष फोकस: महेश कुमार शुक्ल

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गौतमबुद्धनगर: गौशालाओं की व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गोवंश के संरक्षण और स्वास्थ्य पर रहे विशेष फोकस: महेश कुमार शुक्ल

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में गौतमबुद्धनगर में समीक्षा बैठक, स्वच्छता, चारा-पानी और चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 31 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अस्थायी गौ आश्रय स्थलों की जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौशालाओं और अस्थायी गौ आश्रय स्थलों में गोवंश के संरक्षण, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, पेयजल और चारे की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान आयोग के सदस्य दीपक गोयल भी मौजूद रहे।

बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने जनपद में संचालित गौशालाओं एवं अस्थायी गौ आश्रय स्थलों की वर्तमान स्थिति, वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं तथा अब तक की प्रगति के संबंध में आयोग के उपाध्यक्ष को विस्तृत जानकारी दी।

गोवंश के संरक्षण में किसी तरह की लापरवाही न हो

समीक्षा के दौरान उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गौशालाओं में गोवंश के संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता, पौष्टिक आहार, पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था हर हाल में सुदृढ़ रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए तथा बीमार पशुओं की पहचान कर उनका समय से उपचार कराया जाए। इसके साथ ही गौशालाओं में साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

ततारपुर गौ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश

बैठक के दौरान अस्थायी गौ आश्रय स्थल ततारपुर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को वहां स्वच्छ पेयजल, नियमित साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने जनपद की सभी गौशालाओं एवं गौ आश्रय स्थलों में नर और मादा गोवंश को अलग-अलग रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पशुओं की बेहतर देखभाल और प्रबंधन किया जा सके।

पशुआहार और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर

महेश कुमार शुक्ल ने अस्थायी गौ आश्रय केंद्रों में संरक्षित गोवंश के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों द्वारा एसएफसी पूलिंग के माध्यम से गोवंश के लिए पशुआहार आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे गौ आश्रय स्थलों में चारे और पोषण की कमी न रहे।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गौ आश्रय स्थलों के संचालन में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराया जाए। साथ ही गोवंश की नियमित स्वास्थ्य जांच, बीमार पशुओं के उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

शासन और आयोग के दिशा-निर्देशों का हो कड़ाई से पालन

उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गौशालाओं एवं अस्थायी गौ आश्रय स्थलों का संचालन शासन और गौ सेवा आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करते हुए जहां भी कमी मिले, उसे तत्काल दूर कराने पर जोर दिया।

मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने बैठक में उपाध्यक्ष को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद की गौशालाओं एवं अस्थायी गौ आश्रय स्थलों में गोवंश के लिए बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

बैठक में डीसीपी राजेन्द्र कुमार गौतम, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह सहित प्राधिकरण, नगर पालिका, नगर पंचायत, पशुपालन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पत्रकार वार्ता में सरकार के प्रयासों की दी जानकारी

बैठक से पूर्व गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने पत्रकारों के साथ प्रेस वार्ता भी की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं कल्याण के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्याप्त चारा-पानी, चिकित्सा सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सरकार का विशेष जोर है।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गोवंश संरक्षण से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है और गौ आश्रय स्थलों में उपलब्ध सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने पत्रकारों से भी अपील की कि शासन एवं आयोग द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं की जानकारी को आमजन तक पहुंचाने में सहयोग करें।।