लखनऊ :
प्रापर्टी डीलर संदीप सिंह के हत्या मामले मे एक और आरोपी गिरफ्तार,एक लाख का था इनामिया।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना पीजीआई क्षेत्र कल्ली पश्चिम मे दिनदहाड़े सरेआम प्रापर्टी डीलर संदीप सिंह की हुई हत्या मामले मे फरार चल रहे एक लाख का इनामिया एक और आरोपी सचिन कुमार को बीती रात थाना पीजीआई क्षेत्र
डलौना, किसान पथ ओवर ब्रिज के नीचे से गिरफ्तार कर पीजीआई थाने मे दाखिल किया। और कब्जे से हत्या में प्रयुक्त नाजायज पिस्टल 0.32 बोर। 03 अदद जिंदा कारतूस 32 बोर। बिना नम्बर प्लेट घटना में प्रयुक्त बिना नम्बर प्लेट की बाइक बरामद किया है।
विस्तार :
बताते चले बीते 27 मई को लखनऊ में प्रापर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हुई हत्या की घटना के सम्बन्ध में थाना पी०जी०आई० जनपद लखनऊ में मु०अ०सं० 291/2026 धारा 103 (1) बीएनएस थाना-पीजीआई, कमिश्नरेट लखनऊ पर पंजीकृत हुआ था। इस घटना के अनावरण हेतु एस०टी०एफ० की विभिन्न इकाईओं/ टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देश के क्रम में श्री दीपक कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उ०प्र० के पर्यवेक्षण में अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।
एसटीएफ टीम द्वारा दिनांक 31-05-2026 को मुख्य साजिशकर्ता सहित 02 अभियुक्तों व शूटरों की व्यवस्था कराने वाले अभियुक्त गंगाराम यादव को दिनांक 15-06-2026 को गिरफ्तार किया गया था तथा घटना में शामिल रहा मुख्य शूटर संजय उर्फ संजीव दिनांक 27-06-26 को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया था जिसकी इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी थी तथा उसके साथी सचिन कुमार की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा था।
अभिसूचना संकलन के क्रम में उ०नि० तेज बहादुर सिंह, उ०नि० हरीश सिंह चौहान, मु०आ० सरताज अहमद, मु०आ० देवेन्द्र सिंह, मु०आ० सूरज सिंह, मु०आ० कमाण्डो रवि कुमार, मु०आ० संजीव कुमार व चालक नेपाल सिंह की टीम द्वारा वांछित अभियुक्त के गिरफ्तारी हेतु लखनऊ, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, बस्ती आदि जगहों के अलावा अन्य राज्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के सम्भावित स्थानों पर तलाश की जा रही थी।
इसी क्रम में दिनांक 08-07-2026 को मुखबिर खास द्वारा सूचना दी गयी कि प्रापर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या में फरार अभियुक्त सचिन कुछ ही देर में किसी से मिलने के लिए डलौना के पास आने वाला है। इस सूचना पर एसटीएफ टीम द्वारा थाना पी०जी०आई० के साथ मिलकर संयुक्त टीम द्वारा फरार अभियुक्त सचिन को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त सचिन कुमार से घटना के सम्बन्ध में विस्तृत पूछताछ पर बताया कि मेरे द्वारा इस घटना में मोटरसाइकिल चलाई गयी थी। मेरे साथ गाड़ी पर संजय बैठा हुआ था। जिसने संदीप सिंह की पिस्टल से गोली मारकर हत्या किया था। हत्या का कारण दिनेश यादव की संदीप सिंह के साथ चल रही दुश्मनी थी। जिसके कारण दिनेश यादव संदीप सिंह को जान से मरवाना चाहता था। जब यह बात दिनेश यादव के ड्राइवर मुकर्रबीन को पता चली तो उसने दिनेश को अपने पास के गांव के रहने वाले गंगाराम यादव के बारे में बताया, जिसके सम्पर्क में दिलीप वर्मा व खान मुबारक गैंग के कई अपराधी थे। दिनेश यादव के कहने पर ड्राइवर मुकर्रबीन ने गंगाराम से दिनेश की मुलाकात करायी। इसके बाद गंगाराम ने मुझे व संजय को दिनेश यादव से उसकी गाडी में मिलवाया। जहां पर दिनेश यादव ने संजय को 01 लाख रूपये एडवांस दिये थे। बाकी रूपये बाद में देने की बात हुई थी। दिलीप कुमार वर्मा जो थाना गोसाईगंज, जनपद अयोध्या का हिस्ट्रीशीटर अपराधी व शूटर संजय का फाइली है, ने संजय को इस हत्या के लिए असलहे दिये थे। इसी दौरान मैं भी संजय के साथ दिलीप वर्मा से मिला था, जिसमें दिलीप वर्मा ने संजय से कहा था कि तुम लोग दिनेश यादव द्वारा दिए गये काम संदीप सिंह की हत्या वाला जो है उसको कर दो, बाकी रूपये की चिंता तुम लोग मत करना। मुझे संजय इस काम के लिए 02 लाख रूपये देने के लिए बोला था। मैं और संजय इस घटना के सिलसिले में 2-3 बार लखनऊ आये थे। लखनऊ में दिनेश यादव ने हम लोगों को संदीप सिंह का घर उसका ऑफिस और उसके आने-जाने का रास्ता उसकी गाडियों के नम्बर व कलर के बारे में भी बताया था। हम लोगों को रैकी करने के लिए मोटरसाइकिल की जरूरत थी जिसके लिए हम लोगों ने दिनेश यादव से कहा था। जिस पर दिनेश यादव ने हम लोगों को मोटरसाइकिल खरीदने के लिए रूपये दिये थे। जिसके बाद हम लोगों ने सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल XYZ आटोमोबाइल, गुलमर्ग होटल के बगल में अमीनाबाद लखनऊ से खरीदी थी। इसी मोटरसाइकिल का प्रयोग रैकी व हत्या में हम लोगों द्वारा किया गया था। मैं और संजय दिनांक 20.05.2026 को लखनऊ आये। हम लोगों को मौका नहीं मिला जिसके कारण काम नहीं हो पा रहा था। मैंने अपनी सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल की नम्बर प्लेट पहले ही निकाल कर बैग में रख दी थी। दिनांक 27.05.2026 को संजय ने बोला कि ऐसे तो कभी समय नहीं मिल पायेगा। चलो आज काम खत्म ही कर देते हैं और हम लोग दीन दयाल पार्क के पास से ही सन्दीप की गाडी का पीछा करने लगे। संदीप सिंह जैसे ही अपने ऑफिस के बाहर उतरा वैसे ही संजय ने मुझे गाडी रोकने को कहा और मैंने गाडी सन्दीप की कार के पास रोक दी। संजय ने तुरन्त उतर कर सीधा संदीप सिंह के सीने व सर में पिस्टल से तीन फायर कर दिये। जिससे संदीप सिंह मौके पर ही गिर गया। जिसके बाद संजय ने मुझे तुरन्त चलने के लिए कहा और हम लोग तुरन्त वहां से निकल गये।
घटना के बाद से मैं अम्बेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, आजमगढ़ व मुम्बई आदि जगहों पर भागता रहा और दिनांक- 27.06.2026 को साथी संजय के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का समाचार मिलने के बाद काफी डर गया था और कई दिनों से कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश में लगा था। आज भी इसी सम्बन्ध में वकील की खोजबीन के लिए आया था।
हत्या में प्रयोग की गयी पिस्टल के बारे में पूछने पर बताया कि हम लोगों को पता था कि इस तरह से दिनदहाडे की गयी हत्या के बाद पुलिस की चेकिंग काफी बढ़ गयी होगी। जिसके कारण संजय ने मेरे साथ आगे जाकर एक स्थान पर पन्नी में करके पिस्टल को जमीन में गड्डा खोदकर उसमें छिपा दिया था। जिसे पुलिस टीम के साथ देवी सिंह खेड़ा गाँव से पहले साइड लेन के किनारे से जाकर बरामद कराया और बताया कि यह वही पिस्टल है जिससे संजय ने संदीप सिंह की हत्या की थी।
गिरफ्तार अभियुक्त को थाना-पी०जी०आई० कमिश्नरेट लखनऊ में पंजीकृत मु०अ०सं० 291/2026 धारा 103 (1) बीएनएस में दाखिल किया गया है। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
● सनसनीखेज संदीप सिंह हत्याकांड शूटर का बाइक-चालक गिरफ्तार।
