मंगलवार, 21 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: डीएम का सख्त संदेश: पीसी-पीएनडीटी नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, अस्पतालों व अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कड़ी निगरानी के निर्देश!!

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गौतमबुद्धनगर: डीएम का सख्त संदेश: पीसी-पीएनडीटी नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, अस्पतालों व अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कड़ी निगरानी के निर्देश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पीसी-पीएनडीटी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 50 बेड से अधिक क्षमता वाले 10 अस्पतालों तथा 23 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण से संबंधित प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंदन सोनी ने अस्पतालों एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों की जानकारी प्रस्तुत की। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई संस्थानों द्वारा अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संचालक प्राथमिकता के आधार पर फायर एनओसी का नवीनीकरण कराएं, जिसके बाद संबंधित उपजिलाधिकारी स्थलीय निरीक्षण एवं जांच के उपरांत नियमानुसार नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

जिलाधिकारी ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे को निर्देशित किया कि अस्पतालों एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों से आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर समयबद्ध तरीके से फायर एनओसी नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता न हो।

बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में महिला मरीजों की सुविधाओं पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक अस्पताल एवं अल्ट्रासाउंड केंद्र में महिलाओं के लिए अलग चेंजिंग रूम की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही पीसी-पीएनडीटी अधिनियम से संबंधित चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे तथा अधिकृत चिकित्सक का फोटो प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी अस्पताल या अल्ट्रासाउंड केंद्र में पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया या किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित संस्था के खिलाफ नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने श्रमिकों के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि अस्पताल एवं अल्ट्रासाउंड केंद्र श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों का चिन्हांकन कर वहां स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। योजना में यह स्पष्ट होना चाहिए कि शिविरों में श्रमिकों और उनके परिवारों को कौन-कौन सी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही शिविरों में गंभीर या विशेष उपचार की आवश्यकता वाले पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को संबंधित अस्पतालों से जोड़कर उनके समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन, अस्पतालों में सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का पालन तथा श्रमिक वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी संबंधित विभाग एवं स्वास्थ्य संस्थान निर्धारित मानकों का पूरी गंभीरता के साथ पालन करें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी (न्यायिक) दादरी पूर्वा शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे, जिला प्रतिरक्षक अधिकारी आर.के. सिरोहा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।।