लखनऊ :
बैंक मैनेजर से मकान के फिनिशिंग के नाम पर 29.84 लाख लेने के बाद छोड़ा अधूरा काम, ठेकेदार पर केस दर्ज।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में एक बैंक प्रबंधक ने मकान की फिनिशिंग के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि ठेकेदार ने समय पर काम पूरा करने का झांसा देकर लगभग पूरी रकम ले ली, लेकिन न तो निर्माण कार्य पूरा किया और न ही भुगतान वापस किया।
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मिली जानकारी के अनुसार, कैलाशा एन्क्लेव, सुल्तानपुर रोड निवासी महेश चंद्र शुक्ला आईसीसी बैंक सहारनपुर मे बैंक प्रबंधक है। इन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने मकान की फिनिशिंग का कार्य 10 जनवरी 2026 को ठेकेदार अर्चित तिवारी को करीब 30 लाख रुपये में सौंपा था। इसमें टाइल्स, फॉल्स सीलिंग, इलेक्ट्रिकल, पेंट-पुट्टी, दरवाजे, मॉड्यूलर किचन, अलमारियां, बाथरूम फिटिंग, पैनलिंग और फ्रंट एलिवेशन सहित अन्य कार्य शामिल थे।
पीड़ित के मुताबिक, 8 मार्च 2026 तक उन्होंने ठेकेदार को 28.84 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। ठेकेदार ने बार-बार सामान खरीदने और काम जल्द पूरा करने का भरोसा देकर अतिरिक्त भुगतान भी लिया। जब वह साइट पर पहुंचे तो अधिकांश कार्य अधूरा मिला और निर्माण बंद था।
शिकायत में बताया गया कि बाद में ठेकेदार ने फिर भुगतान की मांग की, जिसके बाद 13 मई 2026 को संशोधित अनुबंध किया गया और कुल अनुबंध राशि 31.70 लाख रुपये कर दी गई। इसके बाद भी एक लाख रुपये अतिरिक्त दिए गए, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद न तो कार्य शुरू हुआ और न ही निर्माण सामग्री साइट पर पहुंची।
पीड़ित का आरोप है कि अब तक केवल 8 से 10 लाख रुपये का ही कार्य हुआ है, जबकि ठेकेदार को 29.84 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। आरोप है कि ठेकेदार न तो फोन उठा रहा है और न ही पैसे लौटाने या काम पूरा करने को तैयार है।
महेश चंद्र शुक्ला ने पुलिस से ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और दबाव बनाकर भुगतान लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस घटना के कारण उनका परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहा है तथा अपना मकान होने के बावजूद किराए के घर में रहने को मजबूर है।
सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने मिली तहरीर के अनुसार बीते सोमवार को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
