लखनऊ :
साइबर अपराधों को लेकर पुलिस अर्लट,साइबर प्रभारियों की अर्दली रूम आयोजित।
दो टूक : लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस साइबर अपराधों के अभियोगों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु साइबर थाने पर नियुक्त विवेचकों की अर्दली रूम आयोजित। अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध)आईपीएस श्रीमती किरन यादव ने साइबर प्रभारियों को गुरुमंत्र दिया।
विस्तार :
साइबर थाना, लखनऊ में पंजीकृत एवं प्रचलित अभियोगों के समयबद्ध, प्रभावी एवं विधिक निस्तारण के संबंध में साइबर थाने पर नियुक्त समस्त निरीक्षकों एवं विवेचकों की अर्दली रूम आयोजित की गई।
अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध)
आईपीएस श्रीमती किरन यादव के द्वारा लखनऊ के साइबर थाने में लंबित एवं प्रचलित विवेचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी विवेचकों को निर्देशित किया कि लंबित विवेचनाओं का तत्काल गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में आवश्यक साक्ष्यों का संकलन कर अभियोगों को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए।
एडीसीपी अपराध द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों से संबंधित मामलों में बैंकिंग ट्रांजेक्शन, डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का त्वरित संकलन करते हुए अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की विवेचना में किसी भी प्रकार की अनावश्यक शिथिलता अथवा लंबितता स्वीकार नहीं की जाएगी* तथा सभी विवेचक निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवेचनाओं का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने, साइबर ठगी की घटनाओं में धनराशि की रिकवरी बढ़ाने, अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण* पर विशेष बल दिया गया। साथ ही विवेचकों को निर्देशित किया गया कि वे साइबर अपराध के बदलते स्वरूप एवं नवीन तकनीकों के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली को अद्यतन रखें तथा प्रत्येक मामले में पेशेवर दक्षता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई एवं पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
