लखनऊ :
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जानकी वाटिका में सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
दो टूक : गीता में श्रीकृष्ण ने ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ का संदेश दिया है, जिसका अर्थ है कुशलतापूर्वक कर्म करना ही योग है। महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग और प्राणायाम के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त की जा सकती है।
विस्तार :
12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा जानकीपुरम के जानकी वाटिका पार्क में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा नियमित योग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के शुभारम्भ से पूर्व योग प्रशिक्षक श्री रविशंकर वाजपेयी का स्वागत प्रोफेसर मनोज अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक श्री रविशंकर वाजपेयी ने उपस्थित प्रतिभागियों को व्यायाम के साथ सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, प्राणायाम एवं ध्यान सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की एक कला है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज सम्पूर्ण विश्व ने अपनाया है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा व्यक्ति तनावमुक्त जीवन जी सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने तथा दूसरों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के उपरान्त सभी को सूक्ष्म जलपान कराया गया। कार्यक्रम का संचालन चन्द्र भूषण यादव के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. मनोज अग्रवाल, बी.के. श्रीवास्तव, पूर्व उप महापौर सतीश चन्द्र मिश्र, राकेश तिवारी, आरपी सिंह भदौरिया, राजाराम सिंह, रूपेश गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, दिनेश गुप्ता, गिरीश चन्द्र त्रिपाठी, पी.के. त्रिपाठी, आकाश श्रीवास्तव, दीपक शुक्ला, महादेव कुमार पाण्डेय, सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
●सामूहिक योगाभ्यास करते हुए स्वास्थ्य लाभ का प्रयास।
