गौतमबुद्धनगर: FRND ऐप पर महिला बनकर फंसाता था शिकार, निवेश के नाम पर ठगी का जाल; साइबर क्राइम पुलिस ने MBBS डॉक्टर को किया गिरफ्तार!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। FRND ऐप पर महिला बनकर फंसाता था शिकार, निवेश के नाम पर ठगी का जाल; साइबर क्राइम पुलिस ने MBBS डॉक्टर को किया गिरफ्तार— गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर महिला बनकर लोगों से दोस्ती करता था और फिर उन्हें अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपी को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्राप्त शिकायत, अभिसूचना संकलन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी रामाकृष्ण पेदगावेगी पुत्र रामा सत्यनारायण को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म FRND ऐप और अन्य डेटिंग वेबसाइटों पर महिला की फर्जी पहचान बनाकर लोगों से संपर्क स्थापित करता था।
धीरे-धीरे बातचीत के जरिए वह लोगों का विश्वास जीत लेता था और फिर उन्हें एक कथित निवेश प्लेटफॉर्म पर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देता था। आरोपी पीड़ितों से धनराशि ऐसे बैंक खातों में जमा करवाता था, जिन्हें साइबर अपराध की भाषा में "म्यूल अकाउंट" कहा जाता है। पुलिस जांच में पता चला कि इन खातों की इंटरनेट बैंकिंग आरोपी के मोबाइल नंबर से संचालित हो रही थी।
गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है और उसकी उम्र 37 वर्ष है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने एमबीबीएस और एमडी जैसी उच्च चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की हुई है। इसके बावजूद वह साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क से जुड़कर लोगों को अपना शिकार बना रहा था।
साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस अब उसके मोबाइल और बैंकिंग गतिविधियों की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इस मामले में थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में मुकदमा संख्या 165/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 238(C) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत कार्रवाई की गई है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल ठग सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों को भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश करना या पैसा ट्रांसफर करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों की पूरी जांच-पड़ताल करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।।
