गौतमबुद्धनगर: पुलिस परिवार के होनहार बच्चों का हुआ सम्मान, 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत!!
दो टूक//नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के तहत पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन एवं डीसीपी मुख्यालय के पर्यवेक्षण में वामा सारथी, उत्तर प्रदेश पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पुलिस लाइन्स स्थित बहुउद्देशीय हॉल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा सत्र 2025-26 में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के सात मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। एसीपी लाइन्स श्री शकील मौहम्मद ने सभी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर एसीपी लाइन्स ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, परिश्रम और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत करते हुए अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि इन छात्र-छात्राओं की उपलब्धि पूरे पुलिस परिवार के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
कार्यक्रम के दौरान वामा सारथी, उत्तर प्रदेश पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन मुख्यालय लखनऊ की अध्यक्षा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता करते हुए पुलिस परिवार के बच्चों के शैक्षणिक विकास हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।
समारोह में यह भी बताया गया कि पुलिस परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रियायती दरों पर कोचिंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आठ प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। इस योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं एवं लाभों की जानकारी छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को विस्तार से दी गई।
सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों और उनके परिजनों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पुलिस विभाग अपने कर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों के शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों का गौरवगान है, बल्कि अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।।
