गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

लखनऊ :जनहित मे भारीपड़ रहा भ्रष्टाचार, नही बदल रही जिम्मेदार की मांसिकता।Lucknow: Corruption is taking a toll on public interest, the mindset of those responsible is not changing.||

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लखनऊ :
जनहित मे भारीपड़ रहा भ्रष्टाचार, नही बदल रही जिम्मेदार की मांसिकता।
दो टूक : अधिवक्ताओं का आरोप है कि मोहनलालगंज तहसील में धारा 80, 98 व बंधक मुक्ति मामलों में फाइलें दबाकर खुलेआम उत्पीड़न किया जा रहा है वही एसडीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए है।
विस्तार:
लखनऊ के तहसील मोहनलालगंज के अभिलेखागार में इन दिनों भ्रष्टाचार चरम पर होने के आरोपों ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ताओं और फरियादियों का कहना है कि बिना 'सुविधा शुल्क' दिए यहां कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती, जिसके चलते आमजन को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने बताया धारा-80, धारा-98, बंधक मुक्ति समेत अन्य राजस्व मामलों की फाइलों में रिपोर्ट लगाने के नाम पर अभिलेखागार में तैनात महिला कर्मचारी व कानूनगो द्वारा खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। आरोप है कि प्रति फाइल 500 से 1000 रुपये तक की मांग की जाती है। पैसा देने पर ही फाइल आगे बढ़ती है, अन्यथा उसे जानबूझकर लंबित रख दिया जाता है। अधिवक्ताओ का कहना है कि जिन फरियादियों द्वारा सुविधा शुल्क देने से इनकार किया जाता है, उनकी फाइलों को दबाकर रखा जाता है। कई-कई दिनों तक | रिपोर्ट नहीं लगाई जाती और कभी सर्वर,कभी अन्य विभागीय कार्यों का हवाला देकर टालमटोल की जाती है। इससे तहसील में रोजाना विवाद की स्थिति बनती है और अधिवक्ताओं व कर्मचारियों के बीच कहासुनी तक हो जाती है। 
●न्यायालय के आदेश भी हो रहे नजरअंदाज।
 गंभीर बात यह भी सामने आई है कि न्यायालयों से जारी अमलदरामद, परवाना व अन्य आदेश, जिन्हें अभिलेखागार प्रभारी कानूनगो द्वारा खतौनी में दर्ज किया जाना अनिवार्य होता है, वे भी समय से फीड नहीं किए जा रहे हैं। कई आदेश अभिलेखागार में लंबित पड़े धूल फांक रहे हैं, जिससे राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है और लोगों को बार बार चक्कर लगाने पड़ रहे है।
●तैनाती के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था
तहसील अभिलेखागार में एक कानूनगो प्रभारी के साथ दो अतिरिक्त महिला लेखपालों की तैनाती की गई है, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा है। 
अधिवक्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों की सख्ती का भी कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा, जिससे भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिल रहा है।
अभिलेखागार जैसे महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार से आम जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। राजस्व संबंधी मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण की जरूरत है, लेकिन मौजूदा स्थिति में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
●एसडीएम पवन पटेल ने कहा कि अभिलेखागार में सुविधा शुल्क लेने की शिकायत सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।