“मलेरिया मुक्त गौतमबुद्धनगर की ओर बड़ा कदम: विश्व मलेरिया दिवस पर चला व्यापक जनजागरूकता अभियान” !!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 25 अप्रैल 2026।
विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जनपद गौतमबुद्धनगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया उन्मूलन को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित इस वर्ष की थीम “Driven to End Malaria: Now We Can, Now We Must” के अनुरूप संचालित किया गया, जिसमें आमजन को इस बीमारी से बचाव और रोकथाम के लिए जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मलेरिया से बचाव की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही जेवर, दादरी, बिसरख और दनकौर क्षेत्रों में रैलियां निकालकर लोगों को मलेरिया के प्रति सचेत किया गया। विभिन्न ग्रामों—दादरी, आनन्दपुर, डाढा एवं बिसरख—में गोष्ठियों का आयोजन कर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को बीमारी के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
सेक्टर-16 स्थित झुग्गी क्षेत्र में विशेष मलेरिया जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 13 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई भी मामला पॉजिटिव नहीं पाया गया। वहीं, स्वास्थ्य केन्द्रों पर कुल 72 ज्वर पीड़ितों की जांच में भी एक भी मलेरिया का मामला सामने नहीं आया।
शिक्षा विभाग ने भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए श्याम सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, सर्फाबाद में लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया। छात्रों को पोस्टर, हैंडबिल और बैनरों के माध्यम से जागरूक करते हुए मलेरिया से बचाव की शपथ दिलाई गई।
स्वास्थ्य विभाग और नोएडा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने सेक्टर-16 झुग्गी क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाकर जलभराव वाले स्थानों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया। टीम ने 89 घरों का सर्वे कर कूलर, फ्रिज ट्रे, गमलों और अन्य बर्तनों में जमा पानी को खाली कराया और लोगों को नियमित साफ-सफाई के प्रति सचेत किया।
जिला मलेरिया अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अप्रैल तक जनपद में कुल 39,959 मलेरिया जांचें की जा चुकी हैं, जिनमें एक भी मामला पॉजिटिव नहीं मिला है। यह आंकड़ा जनपद की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और जागरूकता का संकेत है।
विशेषज्ञों के अनुसार मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ और रुके हुए पानी में पनपता है। इसके प्रमुख लक्षणों में ठंड लगकर बुखार आना, सिरदर्द, उल्टी और पेटदर्द शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, सप्ताह में एक दिन “ड्राई डे” के रूप में मनाकर कूलर और अन्य बर्तनों को साफ करें, मच्छरदानी का उपयोग करें और बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जांच कराएं। जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मलेरिया की जांच और उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।।
