शनिवार, 25 अप्रैल 2026

मऊ : प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी हेतु हुए 41698 आवेदनअब तक हुआ 20249 आवेदनों का सत्यापन।|Mau: 41,698 applications received for the Pradhan Mantri Awas Yojana-Urban.20,249 applications have been verified so far.||

शेयर करें:
मऊ : 
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी हेतु हुए 41698 आवेदन
अब तक हुआ 20249 आवेदनों का सत्यापन।
सभी उपजिलाधिकारी समयबद्ध जियोटैगिंग की कार्यवाही करते हुए तत्काल करें निस्तारण :। 
दो टूक : मऊ जनपद में परियोजना अधिकारी डूडा अरविंद पाण्डेय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत जनपद में कुल 41698 आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष नगर निकाय व तहसील द्वारा अबतक 20249 आवेदनों की जांच हो पाई है। जिसमें 10509 लाभार्थी पात्र पाए गए है और 9755 अपात्र पाए गए है। जिलाधिकारी द्वारा तहसीलवार व निकायवार लंबित सत्यापन रिपोर्ट की गहन जांच की गई। सर्वाधिक लंबित आवेदन तहसील सदर में कुल 9127 आवेदन लंबित व नगर निकाय मऊनाथ भंजन में 6309, नगर निकाय अदरी में 24, नगर निकाय कोपागंज में 710 तथा नगर निकाय कुर्थीजाफरपुर में 400 आवेदन लंबित है। इसी प्रकार तहसील घोसी में कुल 674 लंबित आवेदन व नगर निकाय अमिला में 387 तथा नगर निकाय घोसी में 78 आवेदन लंबित है तथा तहसील मधुबन में 345 व नगर निकाय मधुबन में 399 आवेदन लंबित है एवं तहसील मुहम्मदाबाद गोहना में कुल 1820 आवेदन तथा नगर निकाय चिरैयाकोट में 200, नगर निकाय मुहम्मदाबाद गोहना में 278, नगर निकाय वलीदपुर में 150 व नगर निकाय मऊनाथ भंजन वार्ड नं0 4 में 568 आवेदन लंबित है। जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों व तहसीलों को कठोर चेतावनी जारी करते हुए निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों के पात्रता/अपात्रता का निर्धारण सावधानीपूर्वक निष्पक्ष होकर यथाशीघ्र किया जाए। पात्रता की शर्ते गाइडलाईन में स्पष्ट है कि आय 3 लाख रूपए से कम हो, भारतवर्ष में कहीं पक्का मकान न हो, नगर निकाय में 21 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध हो, जमीन विवादित नहीं होनी चाहिए तथा ग्रीनफील्ड में स्थित नहीं होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देशित किया कि किसी भी दबाव में लाभार्थियों को परेशान न किया जाए। यदि किसी भी लाभार्थी से किसी व्यक्ति द्वारा पैसों के लेन-देन की शिकायत प्राप्त होती है तो उसके विरूद्ध तत्काल कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। जियोटैग के दौरान भी यदि पता चलता है कि किसी पात्र को अपात्र अथवा अपात्र को पात्र किया गया है तो उसकी तत्काल सूचना अपर जिलाधिकारी को देते हुए जांचकर्ता के विरूद्ध विधिसंगत कार्यवाही प्रस्तावित की जाए। परियोजना अधिकारी ने अवगत कराया कि लाभार्थी अपने आवास के पांच चरणों का जियोटैग स्वयं भी कर सकते है इसके लिए Google Play store से PMAY (U) App अपने मोबाईल पर डाउनलोड कर आधार नं० से वेरिफाई करते हुए कर सकते है किसी प्रकार की सहायता के लिए सी०एल०टी०सी० के मोबाईल नं0 9151999272 पर बात कर समस्यायों का निस्तारण करते हुए जियोटैग की कार्यवाही लाभार्थी कर सकता है।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी को यह भी निर्देशित किया कि समयवद्ध जियोटैगिंग की कार्यवाही करते हुए तत्काल निस्तारण करें।