गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी: बेटियों का दबदबा, नोएडा में 42,674 छात्रों का इंतजार खत्म!!

शेयर करें:

यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी: बेटियों का दबदबा, नोएडा में 42,674 छात्रों का इंतजार खत्म!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा/लखनऊ, 23 अप्रैल 2026।
दो टूक//उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद) ने गुरुवार शाम 4 बजे हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए। लंबे इंतजार के बाद नोएडा सहित पूरे प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं को राहत मिली। गौतमबुद्ध नगर जिले के 42,674 परीक्षार्थियों का इंतजार भी आज खत्म हो गया।

नोएडा में ये रहे टॉपर

जिले में 10वीं में देवेश कुमार और 12वीं में हिमांशी शर्मा ने शीर्ष स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। हालांकि, इस बार गौतमबुद्ध नगर प्रदेश की टॉप-5 सूची में जगह बनाने से चूक गया, जबकि गाजियाबाद और हापुड़ जैसे जिले ओवरऑल टॉप-10 में शामिल रहे।

प्रदेश स्तर पर बेटियों का जलवा

राज्य स्तर पर इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। हाईस्कूल में कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने संयुक्त रूप से 97.83% अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। वहीं इंटरमीडिएट में शिखा वर्मा ने 97.60% अंकों के साथ टॉप किया। खास बात यह रही कि सीतापुर और बाराबंकी जैसे जिलों के छात्रों ने प्रदेश स्तर पर परचम लहराया।

पास प्रतिशत और आंकड़े

इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में लगभग 90.42% छात्र सफल हुए। करीब 27.32 लाख छात्रों ने 10वीं की परीक्षा में भाग लिया था। परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच आयोजित की गई थी, जबकि कॉपियों का मूल्यांकन रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसान रिजल्ट

छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट

  • upmsp.edu.in
  • upresults.nic.in

के अलावा DigiLocker (DigiLocker), UMANG ऐप (UMANG) और SMS के माध्यम से भी देख सकते हैं।

गौतमबुद्ध नगर के मेधावी छात्र

इंटरमीडिएट में जिले की मेरिट सूची में हिमांशी शर्मा (91.20%) ने पहला स्थान हासिल किया। उनके बाद गौरांगी (89.60%), गुरिया कुमार (89.00%) और अन्य छात्रों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिले के कई स्कूलों के छात्रों ने 85% से अधिक अंक हासिल कर बेहतर परिणाम दर्ज किया।

परीक्षा और मूल्यांकन की खास बातें

इस बार परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और समयबद्ध रही। करीब 1.53 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई, जिसमें 83,000 से अधिक परीक्षक शामिल थे। यही वजह रही कि परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में पहले जारी किया गया।

आगे की राह

अब 10वीं के छात्र अपने भविष्य की दिशा तय करेंगे—विज्ञान, वाणिज्य या कला संकाय का चयन करेंगे, जबकि 12वीं के छात्र उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रोफेशनल कोर्स की तैयारी में जुटेंगे।

कुल मिलाकर, यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के दम पर सफलता हासिल की जा सकती है—और इस बार बेटियों ने पूरे प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।।