गौतमबुद्धनगर: विजय सिंह पथिक जयंती पर गुर्जर समाज का भव्य समागम, जयंत चौधरी बोले— युवाओं को पथिक के विचारों से लेनी चाहिए प्रेरणा!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// ग्रेटर नोएडा। महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी चिंतक और किसान आंदोलनों के अग्रदूत विजय सिंह पथिक की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा ग्रेटर नोएडा में एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और हजारों की संख्या में महिलाओं व युवाओं ने भाग लेकर पथिक जी के योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विजय सिंह पथिक केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि किसानों और समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले दूरदर्शी नेता भी थे। उनके नेतृत्व में चले किसान आंदोलनों ने देश में किसानों की आवाज को मजबूत किया और आगे चलकर पूरे देश में किसान आंदोलनों की नींव को सुदृढ़ किया।
वक्ताओं ने बताया कि विजय सिंह पथिक का जन्म 27 फरवरी 1882 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद में हुआ था। वे एक प्रखर लेखक, कवि, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अपने लेखों, समाचार पत्रों, पुस्तकों और कविताओं के माध्यम से देश में जनजागरण का व्यापक अभियान चलाया।
बताया गया कि महात्मा गांधी भी पथिक जी के कार्यों और उनके संघर्षों से अत्यंत प्रभावित थे। गांधी जी ने उन्हें अपने साथ वर्धा आश्रम ले जाकर वहां से समाचार पत्र निकालने का आग्रह किया था। इसके बाद पथिक जी ने लगभग एक वर्ष तक वहां से अखबार का प्रकाशन कर जनजागरण का कार्य किया। उस दौर में प्रसिद्ध उद्योगपति और समाजसेवी जमनालाल बजाज ने भी उनके आंदोलनों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
बाद में पथिक जी ने अजमेर को अपनी कर्मभूमि बनाया और वहीं से किसान आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने कई रियासतों द्वारा लगाए गए अन्यायपूर्ण करों के खिलाफ संघर्ष किया और किसानों को राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पथिक जी ने राजस्थान सेवा संघ की स्थापना की तथा राजपूताना क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में भी अहम योगदान दिया। साथ ही “राजपूताना” के स्थान पर “राजस्थान” शब्द को पहचान दिलाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री (कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा शिक्षा मंत्रालय) जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विजय सिंह पथिक जैसे महान क्रांतिकारियों के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को पथिक जी के संघर्ष, त्याग और राष्ट्रसेवा के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं भी तकनीक के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि वे पूर्व में भी डंकौर क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करा चुके हैं और भविष्य में भी समाज और युवाओं के हित में हर संभव सहयोग करते रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने की, जबकि महासभा के संरक्षक डॉ. यशवीर सिंह की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जयंत चौधरी का समाज की ओर से पारंपरिक पगड़ी पहनाकर भव्य स्वागत और सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के आयोजन में गौतमबुद्ध नगर के जिला अध्यक्ष अशोक भाटी की सक्रिय भूमिका विशेष रूप से देखने को मिली। उनके नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमता के कारण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। समाज के लोगों ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अशोक भाटी लगातार समाज को संगठित करने और युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
कार्यक्रम में महासभा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साविंदर भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के.पी. कसाना, जयप्रकाश विकल, महासचिव रामकेश चपराना, डॉ. जिले राम, राजपाल कसाना, कालू लाल गुर्जर, पंकज रौसा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सुनील, गौतम बुद्ध नगर जिला अध्यक्ष अशोक भाटी, राष्ट्रीय लोकदल के जिला अध्यक्ष जनार्दन भाटी, नेशनल कोऑर्डिनेटर नामित भाटी सहित अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।
इसके अलावा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर, सांसद चंदन सिंह, पूर्व सांसद मलूक नागर तथा दादरी विधायक तेजपाल नागर भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे और पथिक जी के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों से आए समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेष रूप से बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर जनपद से हजारों की संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर विजय सिंह पथिक के सम्मान में गीत प्रस्तुत किए, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
इस दौरान महासभा के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि आगामी 31 अक्टूबर को सरदार पटेल सामाजिक चेतना रैली का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें एक लाख से अधिक गुर्जर समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, समाजहित और विजय सिंह पथिक के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।
