गोण्डा- सोमवार को मुख्यालय स्थित मंडलायुक्त कार्यालय में आयुक्त की अध्यक्षता में माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिलाओं हेतु प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाली इस विशेष जनसुनवाई में कुल 12 महिलाओं ने प्रतिभाग किया और अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक व कानूनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के समक्ष रखा। आयुक्त ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और प्रत्येक मामले में नियमानुसार त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र की निवासी मीरा देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह अपनी बेटी के साथ गांव में अकेली रहती हैं, जबकि उनके पति रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। इस स्थिति का लाभ उठाकर गांव के कुछ लोगों द्वारा उनके साथ कई बार गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी तथा एक घटना में अर्धनग्न करने का प्रयास किया गया। पीड़िता ने बताया कि विभिन्न तिथियों पर हुई घटनाओं की शिकायत स्थानीय थाने में दी गई, परंतु पुलिस द्वारा न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इस पर आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों को प्रकरण का परीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
एक अन्य मामले में श्रावस्ती जनपद के भिनगा क्षेत्र की महिला ने अपने पति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु का मामला उठाया। पीड़िता ने बताया कि दिसंबर 2025 में गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा उनके पति को बुलाकर ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें अर्धमृत अवस्था में सड़क किनारे छोड़ दिया गया। उपचार के दौरान तीन दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। प्रारंभ में इसे दुर्घटना समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया, किंतु बाद में हत्या की आशंका और धमकियों की जानकारी सामने आई। पीड़िता द्वारा थाने से लेकर उच्चाधिकारियों तक प्रार्थना-पत्र देने के बावजूद कार्यवाही न होने की शिकायत पर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में करनैलगंज क्षेत्र की एक बेवा, गरीब एवं असहाय महिला ने धोखाधड़ी का प्रकरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि केवाईसी कराने के बहाने उन्हें तहसील ले जाकर नशीला पदार्थ पिलाया गया और उनकी बेशकीमती भूमि का कूटरचित बैनामा करा लिया गया। इस संबंध में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने से वे भयभीत हैं और लगातार धमकियां मिल रही हैं। आयुक्त ने पुलिस को अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा पीड़िता की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में तरबगंज क्षेत्र की निवासी पम्मी तिवारी ने बैनामे की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि राजस्व टीम द्वारा दो बार नाप कराए जाने के बाद भी विपक्षी कब्जा हटाने को तैयार नहीं हैं और निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। इस पर आयुक्त ने राजस्व व पुलिस विभाग को समन्वय स्थापित कर मौके पर कब्जा हटवाने तथा प्रार्थिनी को निर्माण कार्य हेतु सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और पीड़ित महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
