लखनऊ :
GST चोरी कर सौ करोड़ से अधिक राजस्व क्षति करने दो जालसाज गिरफ्तार।
दो टूक : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवाइस/ई-वे बिल के माध्यम से जी०एस०टी० की चोरी कर लगभग 100 करोड़ से अधिक की राजस्व क्षति करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 02 सदस्यो को भगत सिंह चौक डी०एल०एफ० दिलशाद एक्सटेंशन गाजियाबाद से गिरफ्तार।
गिरफ्तार शातिर जालसाजो का नाम व पता
1-मो० शादाब पुत्र स्व० भूरे खान मूलनिवासी उत्तम विहार सभापुर चौकी के पास, थाना लोनी, गाजियाबाद वर्तमान पता प्लाट न०-149 टाप फ्लोर फ्लैट न०-2 शालीमार गार्डन, गाजियाबाद। उम्र-29 वर्ष
2-मोहम्मद आलम पुत्र मोहम्मद रफीक, निवासी ई/56, आर 31, विलेज खेड़ा, नियर स्वामी दयानंद हास्पिटल, शहादरा, दिल्ली वर्तमान फारूखनगर, असालतपुर, लोनी गाजियाबाद ।
विस्तार :
कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कर उसके माध्यम से फर्जी इनवाइसेज ई-वे बिल काटकर वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रडिट बेच कर राजस्व को क्षति पहुंचाने वाली बोगस फर्मों के विरूद्ध जी०एस०टी० विभाग द्वारा उ०प्र० के विभिन्न जनपदो के थानों में अभियोग पंजीकृत कराये गये है। पंजीकृत अभियोगों से सम्बन्धित विवेचकों को तकनीकी / अभियान सम्बन्धी सहयोग प्रदान करने हेतु वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एस०टी०एफ० उ०प्र० को भी निर्देशित किया गया, जिसके क्रम में मु०अ०सं०-420/25 धारा-318(4), 338, 336(2), 340 (2) बी०एन०एस० थाना सदर बाजार, सहारनपुर (सम्बन्धित फर्म शौर्या इण्टरप्राइजेज) के विवेचक द्वारा अभियोग के अनावरण हेतु एस०टी०एफ० मुख्यालय से वांछित सहयोग मांगा गया।
उपरोक्त कार्यवाही हेतु पुलिस उपाधीक्षक श्री प्रमेश कुमार शुक्ल के पर्यवेक्षणाधीन उ०नि० जावेद आलम सिददीकी के नेतृत्व में उ०नि० चन्द्रप्रकाश मिश्रा, मु०आ० कवीन्द्र साहनी, मु०आ०
मृत्युंजय सिंह, मु०आ० वीर प्रताप, मु०आ० विमलेन्द्र मिश्रा, मु०आ० यशवन्त सिंह मु०आ० अजीत सिंह मय मय चालक अफजाल व चालक कृष्णदेव शुक्ला की एक टीम अभियोग के विवेचकगण के साथ दिनांक 12-01-2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एवं जनपद गाजियाबाद में अभिसूचना संकलन हेतु भ्रमणशील थी। अभिसूचना संकलन के क्रम में ज्ञात हुआ कि अभियोग उपरोक्त से सम्बन्धित फर्म एवं अन्य बोगस फर्मों का पंजीकरण कर बोगस इनवाइसेज तथा ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक फर्मों को बेचकर करोडो रूपये की राजस्व क्षति पहुंचाने वाला गिरोह नई दिल्ली व दिल्ली एन०सी०आर क्षेत्र में सक्रिय है जिनके सम्बन्ध में मुखबिर मामूर कर संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित करते हुये बी-1, बी-2 गाउण्ड फ्लोर नियर भगत सिंह चौक डी०एल०एफ० दिलशाद एक्सटेंशन गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी विस्तृत पूछताछ से ज्ञात हुआ कि मोहम्मद शादाब एवं मोहसिन द्वारा गाजियाबाद क्षेत्र एकाउण्टेसी सम्बन्धी कार्यों को किया जाता है, जहाँ पर अभियुक्त मोहम्मद आलम, समर, तुफैल व रहमान उसके साथ कार्य करते है। मोहम्मद शादाब एवं मोहसिन द्वारा अपने उपरोक्त सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस कर्म बनाना, बिना किसी परचेज के बोगस सेल्स इनवाईस काटना, बोगस ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना एवं फर्जी जी०एस०टी० रिटर्न फाईल करने सम्बन्धी कार्य किया जाता है। उक्त कार्य मो० शादाब एवं मोहसिन द्वारा स्वंय की एंव अन्य विभिन्न वास्तविक फर्मों को लाभ पहुँचाने हेतु किया जाता है। वास्तविक फर्म धारक अपना जी०एस०टी० नम्बर, माल/सेवा की किस्म, मात्रा, कीमत का विवरण मोहम्मद शादाब एवं मोहसिन को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाता था, जिस पर वह अपने साथियों मोहम्मद आलम, समर, तुफैल व रहमान आदि के माध्यम से पूर्व में बनायी गयी बोगस फर्मों के सेल्स इनवाईस, ई-वे बिल आदि विवरण जी०एस०टी० पोर्टल पर अपलोड कराकर उक्त विवरण सम्बन्धित वास्तविक फर्म धारको को उपलब्ध करा दिया जाता था। इन बोगस इनवाईसेज में अंकित माल/ सेवा की फर्जी परचेज को वास्तविक रूप देने के लिए सम्बन्धित फर्मों द्वारा बैंक खातों के माध्यम से सेल्स इनवाइस में अंकित रकम बोगस फर्म के खाते में ट्रांसफर दिखाई जाती है।
उक्त लेन-देन से सम्बन्धित धनराशि की पूर्ति बोगस फर्मों से कैश के माध्यम अथवा अन्य बोगस फर्मों से सकुर्लर ट्रेडिग दिखाकर कर वास्तविक फर्म धारक कर लेता है। उक्त बैंक ट्रान्जेक्शन हेतु विभिन्न फर्मा के लागिन आई०डी०, पासवर्ड की एक्सेज अभियुक्तों के पास रहती है जिससे वह सम्बन्धित फर्मों से ओ०टी०पी० प्राप्त कर सुविधाजनक ढंग से लेन-देन करता रहता है। अभियुक्तों द्वारा भारत के हैदराबाद, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, बिहार, झारखंड तेलंगाना, दिल्ली व उ०प्र० के विभिन्न जनपदों में कई बोगस फर्मे पंजीकृत करायी गयी थी जिनके माध्यम से सर्कुलर ट्रेडिंग करते हुए स्वयं की एवं अन्य वास्तविक फर्मों को लाभ पहुँचाते हुए करोड़ो रूपये की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति की गयी है।
अभियुक्तों द्वारा भारत के हैदराबाद, महाराष्ट्र, तमिल्नाडू बिहार झारखंड तेलंगाना, दिल्ली, उडीसा व उ०प्र० के विभिन्न जनपदों के पतों पर कई बोगस फर्म पंजीकृत कराकर उनके माध्यम से जीएसटी चोरी कर राजस्व को क्षति पहुंचाया जा रहा था। इनके द्वारा तीन बोगस फर्म RAM ENTERPRISES-09JKAPK0892KIZO, V.S.R TRADERS-09CJMPR8079RIZP, SHIV TRADERS-09OIZPS1708CIZI जनपद लखनऊ के पते पर पंजीकृत करायी गयी थी। अभियुक्तों के मोबाइल फोन में 15 से अधिक ई-मेल आई०डी० लागिन थी जिनके माध्यम से बोगस फर्मों का पंजीकरण, फर्जी इनवाईस एवं ई-वे बिल काटने, जी०एस०टी० रिटर्न फाइलिंग एवं बैंक ट्रांजेक्शन सम्बन्धी ओ०टी०पी० प्राप्त किया जाता था। इन लोगो द्वारा शौर्या इण्टरप्राइजेज एवं अपनी अन्य बोगस फर्मों के माध्यम से प्रथम दृष्टया लगभग 100 करोड़ से अधिक धनराशि की जीएसटी चोरी कर राजस्य क्षति की गयी है।
पूर्व से पंजीकृत मु०अ०सं०-420/25 धारा-318(4), 338, 336(2), 340 (2) बी०एन०एस० थाना सदर बाजार सहारनपुर के विवेचक द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों को सम्बन्धित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं अग्रिम विधिक कार्यवाही विवेचक द्वारा की जायेगी है।
