गोण्डा- जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर तहसील तरबगंज क्षेत्र में अवैध खनन के एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। प्राप्त सूचना के अनुसार उपजिलाधिकारी तरबगंज व हल्का लेखपाल संतोष श्रीवास्तव तथा थानाध्यक्ष नवाबगंज की संयुक्त जानकारी में यह तथ्य सामने आया कि मेसर्स सीगल इण्डिया द्वारा स्वीकृत शर्तों का उल्लंघन करते हुए अवैध खनन किया जा रहा है।
इस फर्म का कार्यालय द्वितीय मंजिल जे० एम० के० टावर कपशेरा साउथ वेस्ट दिल्ली में स्थित है तथा पंजीकृत कार्यालय टैगोर नगर लुधियाना पंजाब एवं कॉर्पोरेट कार्यालय गुड़गांव में है। इस फर्म को तहसील तरबगंज के ग्राम दुर्गागंज में स्थित विभिन्न गाटा संख्याओं पर निश्चित माप व क्षेत्रफल मे साधारण मिट्टी के खनन की अनुमति तेरह दिसंबर 2025 से 12 मार्च 2026 तक अयोध्या बाईपास रिंग रोड निर्माण हेतु प्रदान की गई थी।
जांच के दौरान यह पाया गया कि अनुज्ञाधारक फर्म द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से मिट्टी खनन न करके नदी तल से बालू का अवैध खनन किया जा रहा था। मौके पर की गई पैमाइश में लगभग अठारह हजार 6 सौ वर्ग मीटर क्षेत्रफल में औसतन एक दशमलव दस मीटर गहराई तक कुल बीस हजार चार सौ साठ घन मीटर बालू का अवैध खनन किया जाना पाया गया। अवैध रूप से निकाली गई बालू को निर्माणाधीन अयोध्या बाईपास रिंग रोड में प्रयोग किया गया।
यह कृत्य उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली 2021 के नियम 3, 58 एवं 72 तथा खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 4 एवं 21 का स्पष्ट उल्लंघन है, जो दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही सरकारी संपत्ति की चोरी किए जाने के कारण लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 2/3 का भी उल्लंघन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी 18 नवम्वर 2025 को मेसर्स सीगल इण्डिया द्वारा ग्राम तुलसीपुर माझा में मिट्टी के अवैध खनन एवं परिवहन के मामले में फर्म के 7 डम्पर एवं एक पोकलेन मशीन को थाना नवाबगंज की अभिरक्षा में लिया गया था, जिसमें फर्म द्वारा अधिरोपित जुर्माने की धनराशि जमा की गई थी। इसके बावजूद फर्म द्वारा पुनः अपराध की पुनरावृत्ति की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संबंधित फर्म अवैध खनन की आदी है।
अतः उपरोक्त तथ्यों के आधार पर अनुज्ञाधारक मेसर्स सीगल इण्डिया के अधिकृत प्रतिनिधि विकासमणि त्रिपाठी निवासी पृथ्वीपुर हंडिया प्रयागराज इलाहाबाद उत्तर प्रदेश के विरुद्ध खनन एवं खनिज अधिनियम 1957 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
गोण्डा जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट किया गया है कि अवैध खनन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
