गौतमबुद्धनगर: 23 नवंबर गुर्जर–जाट भाईचारा सम्मेलन: तैयारियों में जबरदस्त जोश, सर छोटू राम जयंती पर होगा ऐतिहासिक आयोजन!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: गौतम बुद्ध नगर, 15 नवंबर 2025।
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा आगामी 23 नवंबर को आयोजित किए जा रहे सर छोटू राम की 144वीं जयंती एवं गुर्जर–जाट भाईचारा सम्मेलन को लेकर जिले में तैयारियां अब चरम पर हैं। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी के नेतृत्व में तथा जिलाध्यक्ष अशोक भाटी की देखरेख में सलारपुर, भूरा, नगला और नया गांव सहित कई क्षेत्रों में जनसंपर्क तेज कर दिया गया है।
जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने बताया कि सम्मेलन को भव्य व ऐतिहासिक रूप देने के लिए महासभा के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता नुक्कड़ सभाओं, जनचर्चाओं और व्यापक प्रचार-प्रसार में लगातार जुटे हुए हैं। ग्रामीणों, युवाओं और समाज के प्रबुद्ध जनों के बीच जाकर आयोजन की जानकारी दी जा रही है तथा बड़ी संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया जा रहा है।
भूरा, नगला और नया गांव में पहुंचने पर पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी का ग्रामीणों ने पुष्पमालाओं, शॉल और पारंपरिक सम्मान के साथ भव्य स्वागत किया। गांवों में जगह-जगह लोगों ने उत्साहपूर्वक सम्मेलन के समर्थन में हिस्सा लिया, जिससे आयोजन के प्रति समाज में गहरी रुचि और जोश देखने को मिला।
संपर्क अभियान के दौरान नवल प्रधान, सिंहराज गुर्जर, राजेंद्र भाटी, कालूराम भाटी, विजेंद्र भड़ाना, धर्मेंद्र भड़ाना, मांगेराम बेसोया, रवि अवाना, रमेश अवाना, रामवीर अवाना, सतपाल अवाना, सोम अवाना, विपिन तंवर, तेज सिंह अवाना, दीपक भाटी, गिरधारी भाटी, जोगिंदर भाटी, कन्हैया भाटी, अजय गुर्जर समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नेताओं ने बताया कि यह सम्मेलन गुर्जर और जाट समाज के ऐतिहासिक एकता मंच के रूप में उभरने जा रहा है, जहां दोनों समाजों के प्रबुद्ध नेता और वरिष्ठजन सामाजिक समरसता, विकास, शिक्षा, युवाओं के भविष्य और समाज उत्थान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन परिचर्चा करेंगे।
अशोक भाटी ने बताया कि इस कार्यक्रम में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से दोनों समाजों के प्रतिनिधि शामिल होकर भाईचारे को मजबूत बनाने और समाज को नई दिशा देने पर विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन की तैयारियों को लेकर गांव-गांव हो रही बैठकों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि 23 नवंबर का आयोजन ऐतिहासिक, रिकॉर्ड तोड़ और समाज की एकता का प्रतीक साबित होगा।।
