रविवार, 11 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में आचार्य मृदुल कांत शास्त्री को मिली बड़ी उपलब्धि, पीएचडी की मानद उपाधि से किया गया सम्मानित!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में आचार्य मृदुल कांत शास्त्री को मिली बड़ी उपलब्धि, पीएचडी की मानद उपाधि से किया गया सम्मानित!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। भारत विकास परिषद द्वारा नोएडा में आयोजित एक भव्य समारोह में पूज्य आचार्य श्री मृदुल कांत शास्त्री जी को पीएचडी की मानद उपाधि से विभूषित कर सम्मानित किया गया। विश्व हिंदी मंच एवं हिंदी साहित्य भारती की ओर से प्रदान की गई यह मानद उपाधि संस्कृत, धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान तथा विशिष्ट उपलब्धियों के लिए प्रदान की गई। इस सम्मान से आचार्य श्री के धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यों को विशेष पहचान मिली है।

समारोह में हजारों समाजसेवियों, धर्मप्रेमियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। देश की प्रतिष्ठित आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया। इस अवसर पर आचार्य श्री को मानद उपाधि से सम्मानित किए जाने को भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा, धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में उनके योगदान के प्रति सम्मान के रूप में देखा गया।

कार्यक्रम में पूज्या दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी, पूज्य ब्रह्मऋषि श्री कुमारस्वामी जी, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री एवं सांसद डॉ. महेश शर्मा जी, सुप्रसिद्ध कथावाचक डॉ. अनिरुद्धाचार्य जी, विश्व हिंदी मंच के अध्यक्ष डॉ. प्रणव शास्त्री जी, हिंदी साहित्य भारती के महामंत्री श्री जीतेश राज जी तथा प्रतिनिधि श्री प्रणय गोस्वामी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त सिख संत बाबा हरजीत सिंह रसूलपुर, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के डॉ. आशीष गौतम जी, आचार्य संगम जी और भारत विकास परिषद के सम्मानित सदस्यों ने भी समारोह में सहभागिता की।

संस्कृत, धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में योगदान को मिली पहचान

आचार्य श्री मृदुल कांत शास्त्री जी को प्रदान की गई मानद पीएचडी उपाधि संस्कृत, धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को समाज तक पहुंचाने में समर्पित व्यक्तित्वों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे व्यक्तित्वों को सम्मानित करने से भारतीय ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत के प्रति समाज में जागरूकता और सम्मान की भावना को बल मिलता है।

समारोह में उपस्थित अतिथियों और समाजसेवियों की सहभागिता ने इस उपलब्धि को और भी विशेष बना दिया। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा संस्कृत भाषा, धर्म एवं अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान की महत्ता भी सामने आई।

भव्य समारोह में जुटीं आध्यात्मिक जगत की प्रमुख हस्तियां

नोएडा में आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। पूज्य संतों, कथावाचकों, सामाजिक प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे विशेष बना दिया। आचार्य श्री मृदुल कांत शास्त्री जी को मानद उपाधि से सम्मानित किए जाने पर उपस्थित लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

यह सम्मान उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी है, जो भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा, धर्म और अध्यात्म के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। समारोह ने भारतीय ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को समाज में प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

आचार्य श्री मृदुल कांत शास्त्री जी को प्रदान की गई यह मानद उपाधि उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत की महत्ता को भी उजागर करती है। नोएडा में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की परंपरा को नई मजबूती प्रदान की।