मंगलवार, 8 सितंबर 2026

यूपी में गन्ना किसान बेहाल, SAP 600 करने की उठी जोरदार मांग

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गोण्डा- उप्र में बढ़ती महंगाई ने गन्ना किसानों की कमर तोड़ दी है। डीजल, खाद, कीटनाशक और जुताई बुवाई के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे गन्ने की खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है, लेकिन किसानों को मिल रहा मौजूदा दाम उनकी लागत के मुकाबले बेहद कम है। इसी मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री दिलीप मिश्रा ने प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री को पत्र भेजकर गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) में तत्काल बढ़ोतरी की मांग की है।पत्र में कहा गया है कि गन्ना उत्तर प्रदेश की मुख्य नकदी फसल है और प्रदेश के लाखों किसानों की आजीविका इसी पर टिकी है। मौजूदा समय में खेती की लागत बेतहाशा बढ़ने से किसान कर्ज और घाटे की खेती को मजबूर हैं। किसान संघ ने जनहित और किसान कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार से मांग की है कि इस पेराई सत्र के लिए गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर कम से कम 600 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया जाए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम मिल सके। संगठन ने चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने जल्द किसानों के हित में निर्णय नहीं लिया तो किसानों में भारी आक्रोश फैलेगा।
गोण्डा से प्रदीप पाड़े की रिपोर्ट