लखनऊ :
कूटरचित दस्तावेज से धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार।
दो टूक : लखनऊ के थाना कैसरबाग पुलिस टीम ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर पास से नगदी बरामद किया।
विस्तार :
पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रॉपर्टी डीलरों के यहां ब्रोकर के रूप में काम करता था और ग्राहकों से प्राप्त धनराशि के इस्तेमाल में उसकी भूमिका सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, 20 जून 2026 को विक्रम सिंह की तहरीरी सूचना पर थाना कैसरबाग में मुकदमा संख्या 112/2026 धारा 318(2), 338, 336(2), 340(2), 352 और 351(2) BNS के तहत दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान विवेक यादव उर्फ विरेन्द्र का नाम सामने आया और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
31 अगस्त की रात मुखबिर की सूचना पर दबिश
पुलिस को 31 अगस्त को सूचना मिली कि वांछित आरोपी अगम बिल्डर्स एवं डेवलपर्स के पास, गोलू ढाबा के निकट, बिजनौर रोड, गडौरा में एक परिचित के साथ खड़ा है। सूचना पर कैसरबाग पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी की पहचान के बाद उसे रात करीब 11:40 बजे गिरफ्तार कर लिया।
उधारी और घरेलू खर्च में लगाई रकम
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलरों के यहां ब्रोकर का काम करता है। उसके अनुसार ग्राहकों से प्राप्त धनराशि में से उसके हिस्से की रकम उधारी चुकाने और घरेलू जरूरतों में खर्च हुई। इसी रकम से उसने आईफोन 13 प्रो मैक्स खरीदा था, जबकि ₹5,500 नकद उसके पास बचे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने ग्राहकों को प्लॉट उपलब्ध नहीं करा पाने की बात भी स्वीकार की है।
पुलिस का कहना है कि ग्राहकों की धनराशि के शेष हिस्से को फर्म के बड़े साझेदार आलोक मय खरे द्वारा खर्च किए जाने की बात आरोपी ने पूछताछ में बताई है। मामले में आरोपी के कथनों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपी: विवेक यादव उर्फ विरेन्द्र, निवासी सरसवा, अर्जुनगंज, थाना सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ, उम्र करीब 37 वर्ष।
बरामदगी:
आईफोन 13 प्रो मैक्स मोबाइल
₹5,500 नकद।
आरोपी को रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रशान्त कुमार, अरविन्द कुमार, सावंत कुशवाहा और कांस्टेबल करमचन्द्र शामिल रहे।
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