गुरुवार, 10 सितंबर 2026

लखनऊ :पदोन्नति की राह में ऑनलाइन मॉड्यूल बना रोड़ा,इंजीनियरों ने भरी हुंकार।||Lucknow:Engineers raise their voice against the online module becoming a hurdle in their path to promotion.||

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लखनऊ :
पदोन्नति की राह में ऑनलाइन मॉड्यूल बना रोड़ा,इंजीनियरों ने भरी हुंकार।
दो टूक : सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने ऑनलाइन पदोन्नति प्रक्रिया में सामने आ रही विसंगतियों पर कड़ा विरोध जताते हुए डीपीसी मॉड्यूल में तत्काल सुधार की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि नियमावली के विपरीत प्रावधानों के कारण पात्र कार्मिकों की पदोन्नति बाधित नहीं होनी चाहिए।
विस्तार :
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष नितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के पत्रांक संख्या 4/2026/284/47-का-1, दिनांक 14 मई 2026 के तहत वर्ष 2026-27 तक की रिक्तियों के सापेक्ष पदोन्नतियां 30 जून 2026 तक ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पूरी की जानी हैं। इसके लिए कार्मिक विभाग ने मानव सम्पदा पोर्टल पर ऑनलाइन डीपीसी मॉड्यूल विकसित किया है।
संघ का आरोप है कि मॉड्यूल में पदोन्नति के लिए स्थायीकरण की सूचना भरने का कॉलम अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है, जबकि विभिन्न संवर्गों की सेवा नियमावली में पदोन्नति के लिए स्थायीकरण अनिवार्य नहीं है। नियमावली के विपरीत इस प्रावधान के चलते सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर से सहायक अभियंता तथा सहायक अभियंता से अधिशासी अभियंता पद पर पदोन्नति प्रभावित हो रही है।
नितेंद्र श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि ऑनलाइन मॉड्यूल में शासनादेश के अनुरूप दिव्यांगजन कार्मिकों की पदोन्नति के लिए आवश्यक प्रावधान नहीं किए गए हैं, जिससे पात्र दिव्यांग कार्मिकों की पदोन्नति भी अटक रही है।
इस मामले को लेकर संघ ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग समेत अन्य उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने स्पष्ट मांग की है कि डीपीसी मॉड्यूल से स्थायीकरण संबंधी विसंगति तत्काल दूर की जाए और दिव्यांगजन कार्मिकों की पदोन्नति के लिए शासनादेश के अनुरूप आवश्यक प्रावधान जोड़े जाएं, ताकि पात्र कार्मिकों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो सके।