लखनऊ :
दबंगों ने ढाबे पर मचाया तांडव,गाली-गलौ तोड़फोड़ के बाद मैनेजर पर चढ़ाई कार।।
दो टूक : लखनऊ के कोतवाली गोसाईगंज क्षेत्र में दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद नजर आए कि ढाबे में खाना खाने पहुंचे लोगों के सामने ही जमकर गाली-गलौज और तोड़फोड़ की गई। मामला यहीं नहीं रुका, हंगामा शांत कराने पहुंचे ढाबा मैनेजर को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देकर कार से कुचलने का प्रयास किया गया। मैनेजर ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, जबकि कार की टक्कर से ढाबे के बाहर खड़ी दो गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना बीते 6 सितंबर की रात करीब 9:20 बजे गोसाईगंज क्षेत्र स्थित UP-32 ढाबा की बताई जा रही है। पुलिस ने मिली तहरीर के आधार पर बीते सोमवार को एफआईआर दर्ज छानबीन शुरु कर दी।
विस्तार :
पुलिस स्टेशन गोसाईगंज क्षेत्र UP 32 ढाबा के मैनेजर तौसीफ अहमद के मुताबिक बीते रविवार 6 सितम्बर की रात करीब 9 बजे एक चार पहिया वाहन और तीन दोपहिया वाहनों से करीब 12 से 18 लोग ढाबे पर पहुंचे और फैमिली हाल में बैठ गए और कुछ देर बाद आपस में तेज आवाज में गाली-गलौज करने लगे। उस समय ढाबे में परिवारों के साथ कई ग्राहक मौजूद थे। ढाबा कर्मचारियों ने अनुरोध किया तेज आवाज मे बातचीत एवं गाली गलौज यहां न करे। मना करने पर बौखलाए दबंगों ने ढाबे मे हंगामा करते हुए तोड़फोड़ शुरु कर दिया।
आरोप है कि ग्राहकों के बीच हो रहे हंगामे को रोकने पहुंचे मैनेजर के साथ ही दबंगों ने अभद्रता शुरू कर दी। आरोपितों ने उसे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद ढाबे में रखी कुर्सी-मेज को पैर से तोड़ते हुए अन्य ग्राहकों को भी धमकाया गया।
◆बाहर निकले और मैनेजर पर चढ़ा दी कार-बाल बाल बचे।
आरोप है कि हंगामा करने वाले लोग इसके बाद बाहर निकले और वाहन में बैठकर मैनेजर को निशाना बनाते हुए उस पर कार चढ़ाने की कोशिश की। मैनेजर ने किसी तरह मौके से हटकर अपनी जान बचाई। इस दौरान वहां खड़ी UP-32 JY-6612 और UP-32 PQ-8489 नंबर की गाड़ियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
पीड़ित ने घटना के पीछे मनोज यादव निवासी सिटकिहा कला, मजरा धौरहरा, गोसाईगंज तथा उसके साथ आए करीब 12 अज्ञात लोगों को आरोपित किया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस से मामले में गंभीरता से कार्रवाई की मांग की गई है।
ढाबे में परिवारों के बीच खुलेआम हंगामा, तोड़फोड़ और फिर मैनेजर को कार से कुचलने के कथित प्रयास ने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि पुलिस आरोपितों पर कितनी सख्ती करती है।
