लखनऊ :
LDA की सील तोड़कर निर्माण और कारोबार,दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज,अवैध निर्माण कर्ताओ मे हड़कंप।|
दो टूक : राजधानी में एलडीए की कार्रवाई के बावजूद सील तोड़कर अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में दो सील बंद परिसरों की सील तोड़कर दोबारा व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामले में एलडीए ने एफआईआर दर्ज कराई है। दोनों मामलों में एलडीए प्रवर्तन जोन-2 के अधिकारियों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की है।
विस्तार :
पहला मामला मोहनलालगंज क्षेत्र रायबरेली रोड़ अमन टाइल्स, पुरसैनी से जुड़ा है। एलडीए के मुताबिक अमन खान व अन्य द्वारा प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना अनधिकृत निर्माण कराया जा रहा था। इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 27(1) व 28(1) के तहत कार्रवाई करते हुए वाद संख्या LDA/ZZ/ANI/2025/0005753 न्यायालय में दाखिल किया गया था।
अवैध निर्माण जारी रहने पर विहित प्राधिकारी न्यायालय ने 10 नवंबर 2025 को परिसर सीलबंद करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में 29 नवंबर 2025 को निर्माण परिसर और उससे संबंधित सुविधाओं को सील कर दिया गया था। एलडीए की निगरानी के बावजूद हालिया निरीक्षण में परिसर की सील और सील पट्टा हटाकर वहां दोबारा व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिलीं।
◆दूसरा मामला -
दुर्गा ट्रेडर्स, माधवखेड़ा मोहनलालगंज का है। यहां नवल किशोर दूबे व अन्य पर बिना स्वीकृत मानचित्र के अनधिकृत निर्माण कराने का आरोप है। मामले में एलडीए के विहित प्राधिकारी न्यायालय में वाद संख्या LDA/Z2/ANI/2025/0005745 दाखिल किया गया था। न्यायालय के आदेश के बाद 22 नवंबर 2025 को परिसर सीलबंद किया गया था।
एलडीए के निरीक्षण में आरोप है कि सील बंद परिसर की सील तोड़कर वहां भी व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गईं। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 28क(1) के उल्लंघन के दायरे में आती है।
दोनों मामलों में एलडीए प्रवर्तन जोन-2 के सुपरवाइजर सुशील कुमार सिंह और अवर अभियंता कुनाल कुमार गुप्ता की ओर से 8 सितंबर 2026 को मोहनलालगंज थाने में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
◆सील तोड़ने वालों को साफ संदेश
एलडीए की कार्रवाई के बाद भी सील तोड़कर कारोबार शुरू करने के इन मामलों ने प्राधिकरण की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि एफआईआर दर्ज कराकर एलडीए ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि सील बंद परिसर में दोबारा प्रवेश कर व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
