मऊ :
पहली शादी छुपाकर दूसरी शादी करने का आरोप,दोनो पत्नियां पहुंचीं एसपी दरबार।।
दोनो बीबियाँ ने पति समेत ससुराली जनों पर कार्रवाई की मांग।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जनपद के रानीपुर थाना क्षेत्र में पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी करने का कथित मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। मामले में पति की दोनों पत्नियों ने एक साथ पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। महिलाओं ने पति व उसके परिजनों पर धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पहली शादी की जानकारी छिपाने का आरोप
पीड़िता माया यादव का आरोप है कि उसका विवाह 17 जनवरी 2024 को लक्ष्मीन यादव के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों से एक पुत्र भी हुआ। माया का कहना है कि विवाह के समय पति ने अपनी पहली शादी की जानकारी उससे छिपाई थी। बाद में कोर्ट से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद उसे पति की पहली शादी के बारे में जानकारी हुई।
सवाल पूछने पर मारपीट व धमकी का आरोप
माया के मुताबिक, जब उसने पति से पहली शादी के संबंध में सवाल किया तो कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि पति पहली पत्नी से चल रहे मुकदमे की पैरवी के लिए कोर्ट जाता था और माया को फोन करने से भी रोकता था।
पहली पत्नी से संपर्क के बाद खुला मामला
पति की पहली शादी की जानकारी मिलने के बाद माया ने पहली पत्नी से संपर्क किया। बातचीत के बाद दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे के सामने अपनी पीड़ा रखी। इसके बाद दोनों अपने-अपने बच्चों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं और पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की।
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने का आरोप
पहली पत्नी ने भी ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना सहित कई गंभीर आरोप लगाए। दोनों महिलाओं का कहना है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर भी शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने प्रभाव के चलते कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका जताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की।
एसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
दोनों महिलाओं की शिकायत सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों पीड़िताओं को महिला थाना भेजा गया। महिलाओं ने पुलिस से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
मामले में महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
