शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

गोण्डा : दिब्यांग की भैंस का मामला,नही सुलझा रही पुलिस, चक्कर लगाने को मजबूर।।Gonda: The police are not solving the case of a disabled person's buffalo, forcing him to make rounds.||

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गोण्डा : 
दिब्यांग की भैंस का मामला,नही सुलझा रही पुलिस, चक्कर लगाने को मजबूर।।
भैंस का बवाल पहुचा चौकी और कोतवाली।
।।संवाददाता : वीरेन्द्र कुमार।।
दो टूक : गोण्डा जनपद के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में एक दिव्यांग व्यक्ति द्वारा न्याय के लिए पिछले 15 दिनों से पुलिस चौकी और थाने के चक्कर लगाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। लगातार पुलिस कार्यालयों के चक्कर लगाने से उसे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विस्तार :
जानकारी के अनुसार करनैलगंज कोतवाली की भभुवा पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ निवासी रामचंदर की भैंस भाई रामसूरत ने जबरन दूसरे को बेच दिया है जिसकी कीमत भी नही मिली। घटना के दिन ही अपनी समस्या को लेकर पीडित पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के बाद से वह कई बार चौकी और कोतवाली पहुंचकर कार्रवाई की जानकारी लेने का प्रयास कर चुका है, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन ही मिला।
पीड़ित का कहना है कि दिव्यांग होने के कारण उसके लिए बार-बार पुलिस कार्यालयों तक पहुंचना बेहद कठिन है। इसके बावजूद न्याय की उम्मीद में वह लगातार अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रख रहा है, लेकिन अभी तक उसे किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई या राहत नहीं मिली। 
उसने आरोप लगाया कि उसकी शिकायत पर न तो समयबद्ध जांच की गई और न ही उसे यह बताया गया कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
●हर बार मिला सिर्फ आश्वासन।
दिव्यांग फरियादी का आरोप है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों से अपनी शिकायत के संबंध में कार्रवाई की मांग की, लेकिन प्रत्येक बार उसे केवल जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया। लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला तो वह खुद को निराश और असहाय महसूस कर रहा है।
शारीरिक परेशानी के साथ मानसिक तनाव भी
पीड़ित का कहना है कि लगातार चौकी और थाने के चक्कर लगाने से उसकी दिव्यांगता के कारण परेशानी और बढ़ गई है। न्याय की उम्मीद में उसे बार-बार कार्यालयों तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे उसे मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। उसका कहना है कि यदि उसकी शिकायत का समय पर निस्तारण किया जाता तो उसे इस तरह भटकना नहीं पड़ता।
उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग।
दिव्यांग फरियादी ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उसने अपनी शिकायत का शीघ्र निस्तारण कर न्याय दिलाने की अपील की है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति।
हालांकि, पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि कोई फरियादी लगातार अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच रहा है, तो उसकी समस्या का नियमानुसार और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाना चाहिए, विशेषकर जब फरियादी दिव्यांग हो। ऐसी स्थिति में पुलिस की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वह शिकायत की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए।