शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर:‘Clean Noida, Green Noida’ के नारों के बीच बदहाल नाला: सेक्टर-126 थाना के पास गंदगी से बेहाल पुलिसकर्मी और राहगीर!!

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गौतमबुद्धनगर:‘Clean Noida, Green Noida’ के नारों के बीच बदहाल नाला: सेक्टर-126 थाना के पास गंदगी से बेहाल पुलिसकर्मी और राहगीर!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

फुटपाथ के किनारे कचरे और प्लास्टिक से अटा पड़ा खुला नाला, उठ रही भीषण दुर्गंध; बीमारी फैलने का खतरा, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

दो टूक//नोएडा। नोएडा को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए भले ही ‘Clean Noida, Green Noida’ जैसे नारों और बड़े-बड़े होर्डिंग्स के जरिए स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा हो, लेकिन शहर के कई इलाकों में जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। सेक्टर-126 थाना के पास फुटपाथ के किनारे खुले नाले में जमा कचरा और प्लास्टिक स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोल रहा है।

थाना के आसपास रहने वाले लोगों और वहां तैनात पुलिसकर्मियों को इस गंदगी के कारण लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाले में बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक जमा होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। नाला जाम होने से आसपास के क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों और आसपास मौजूद लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

कचरे से पटा नाला, जल निकासी व्यवस्था हुई प्रभावित

स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि फुटपाथ के ठीक पास स्थित खुला नाला कचरे और प्लास्टिक से लगभग पूरी तरह पट चुका है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नाले में गंदगी का ढेर जमा होता जा रहा है। इससे न केवल जल निकासी प्रभावित हो रही है, बल्कि मच्छर और अन्य हानिकारक जीव पनपने की आशंका भी बनी हुई है।

बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं कराई गई तो पानी की निकासी बाधित होने के साथ आसपास जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।

‘स्वच्छ नोएडा’ के होर्डिंग्स के बीच गंदगी ने खोली व्यवस्था की पोल

नोएडा प्राधिकरण की ओर से शहर को साफ-सुथरा रखने और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। जगह-जगह ‘Clean Noida, Green Noida’ के संदेश वाले बोर्ड और होर्डिंग्स भी दिखाई देते हैं। लेकिन सेक्टर-126 थाना के पास की स्थिति इन अभियानों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है।

सवाल यह है कि जब थाना जैसे महत्वपूर्ण स्थान के आसपास ही खुले नाले कूड़े और प्लास्टिक से पटे पड़े हैं, तो शहर के अन्य हिस्सों में सफाई व्यवस्था की निगरानी किस तरह की जा रही है?

बीमारी फैलने का भी बना खतरा

नाले में लंबे समय से जमा गंदगी और पानी के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका बनी हुई है। दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग केवल स्वच्छता के प्रचार-प्रसार तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करे और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छता केवल बोर्ड, पोस्टर और नारों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाली साफ-सफाई से साबित होती है। यदि नालों की नियमित सफाई, कूड़ा उठाने और जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया तो स्वच्छ नोएडा का सपना अधूरा ही रहेगा।

तुरंत सफाई की मांग

स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि सेक्टर-126 थाना के पास खुले नाले की तत्काल सफाई कराई जाए, जमा कचरा और प्लास्टिक हटाया जाए तथा नाले की नियमित सफाई के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही खुले नाले के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक सुरक्षा और सफाई उपाय भी किए जाएं।

अब देखना होगा कि ‘Clean Noida, Green Noida’ का संदेश सिर्फ होर्डिंग्स तक सीमित रहता है या फिर सेक्टर-126 थाना के पास गंदगी की इस तस्वीर को बदलने के लिए नोएडा प्राधिकरण धरातल पर भी कोई ठोस कार्रवाई करता है।।