शुक्रवार, 3 जुलाई 2026

लखनऊ :दहेज कम देकर कर दी सामाजिक बेईज्जती कहते हुए गर्भवती महिला को घर से निकाला।||Lucknow:A pregnant woman was thrown out of her home, claiming she had been disgraced by giving less dowry.||

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लखनऊ :
दहेज कम देकर कर दी सामाजिक बेईज्जती कहते हुए गर्भवती महिला को घर से निकाला।
दो टूक : सामाज मे दहेज को लेकर नवदम्पतियो के बीच बढते विवाद सामाजिक समीकरण और आपसी अपनत्व को बिगाड़ रहे है। इसकी बानगी पीजीआई थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती को ससुराल वालों ने दहेज कम मिलने से सामाजिक बेईज्ज़ती बताते हुए स्कार्पियो की मांग करते हुए गर्भावस्था मे घर से निकाल दिया। पीडिता के काफी प्रयास के बाद भी ससुरालीजनों की मांग नही बदली और न ही विदाई करा कर साथ ले गए। मजबूर होकर पीडिता ने थाना पीजीआई मे तहरीर देकर पति समेत ससुरालीजनों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
विस्तार :
मिली जानकारी के अनुसार थाना पीजीआई
क्षेत्र मे रहने वाली दहेज की शिकार पीडिता सलमा आगा ने थाना पीजीआई मे अपने शिक्षक पति समेत ससुरालीजनों के खिलाफ तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कराया है
पीडिता की तहरीर के अनुसार दिनांक 01.03.2023 को अब्दुल हसीब पुत्र अब्दुल समद निवासी-घसियारन टोला, नानपारा, उत्तर प्रदेश के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के साथ धूमधाम से विवाह सम्पन्न हुआ था। पति अब्दुल हसीब सरकारी स्कूल मे टीचर है। शादी में पीडिता के घर वालों अपनी हैसियत से उपहार स्वरुप दहेज दिया था। शादी के बाद विदा होकर ससुराल पहुचने पर दहेज मे दिए गए सामन को लेकर ससुराल मे ताने दिए जाने लगे ।
पीडिता का आरोप है कि ससुरालीजनों के द्वारा दस लाख नगद के साथ एक स्कार्पियो गाड़ी की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। विरोध करने पर ससुराल वालो ने कम दहे मिलने पर सामाजिक बेईज्ज़ती बताते हुए गर्भावस्था मे घर से निकाल दिया। 
तब से पीडिता मायके मे रह रही है अपने शिक्षक पति को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन कोई सकारात्मक उत्तर नही मिला। 06 महीने डिलवरी होने के बाद भी अभी तक शिक्षक पति व परिवार वाले बच्चे को देखने तक नहीं आये।
पीजीआई पुलिस ने मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल कर रही है।