गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की Galaxy Vega सोसायटी में लिफ्ट बनी 'मौत का पिंजरा', 30 मिनट तक फंसे रहे 4 मासूम; अंधेरे में पढ़ते रहे हनुमान चालीसा!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा वेस्ट। बिसरख थाना क्षेत्र स्थित ग्रेटर नोएडा वेस्ट की Galaxy Vega सोसायटी में देर रात एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई। सोसायटी के एक टावर की लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई, जिससे उसमें सवार चार बच्चे करीब 30 मिनट तक अंदर फंसे रहे। लिफ्ट में अंधेरा और घुटन का माहौल होने से बच्चे बुरी तरह घबरा गए। डर के उस माहौल में हिम्मत बनाए रखने के लिए बच्चों ने लिफ्ट के अंदर ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजनों और अन्य निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। काफी देर तक लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुलने से लोगों की चिंता बढ़ती गई। सूचना मिलने के बाद मेंटेनेंस टीम ने काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोलकर चारों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चों के बाहर आते ही परिजनों ने राहत की सांस ली।
घटना के बाद सोसायटी की लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था और मेंटेनेंस प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि Galaxy Vega सोसायटी में लिफ्ट खराब होने की घटनाएं नई नहीं हैं। पहले भी कई बार लिफ्ट बीच रास्ते में रुक चुकी है, लेकिन प्रबंधन हर बार केवल औपचारिक मरम्मत कर मामले को शांत कर देता है। स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा।
निवासियों का कहना है कि प्रदेश में लिफ्ट एक्ट लागू होने के बावजूद कई हाउसिंग सोसायटियों में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। नियमित तकनीकी जांच, आपातकालीन अलार्म, इंटरकॉम और रेस्क्यू सिस्टम जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी भी प्रभावी ढंग से नहीं की जा रही है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि Galaxy Vega सोसायटी की लिफ्टों का तकनीकी ऑडिट कराया जाए और यदि मेंटेनेंस में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार एजेंसी और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस बार तो बच्चे सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन यदि समय रहते राहत नहीं मिलती तो यह घटना किसी बड़े हादसे में भी बदल सकती थी। अब निवासी चाहते हैं कि प्रशासन केवल जांच तक सीमित न रहे, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाए।
