गौतमबुद्धनगर: KYC अपडेट के नाम पर साइबर ठगी कराने वाले गिरोह का मददगार गिरफ्तार, खाते में आए थे 9 लाख रुपये!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराकर ऑनलाइन ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खाते में KYC अपडेट कराने के नाम पर की गई साइबर ठगी से जुड़े करीब 9 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, जबकि खाते का इस्तेमाल कराने के एवज में उसे 45 हजार रुपये कमीशन मिला था।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अभिसूचना संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए विनय कुमार पुत्र सुरेन्द्र कुमार, निवासी बुराड़ी, नॉर्थ दिल्ली (उम्र 24 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल आम लोगों से धोखाधड़ी कर वसूली गई रकम को ट्रांसफर करने में किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी स्वयं को बैंक मैनेजर या बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे और बैंक खाते की KYC अपडेट करने के नाम पर उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद पीड़ितों के खातों से रकम निकालकर आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। इस पूरे नेटवर्क में गिरफ्तार आरोपी की भूमिका साइबर अपराधियों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने की थी।
जांच में पता चला कि आरोपी के बैंक खाते में इस साइबर धोखाधड़ी से संबंधित 9 लाख रुपये जमा किए गए थे। इसके बदले उसे 45 हजार रुपये का भुगतान किया गया। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है तथा पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
इस संबंध में थाना बिसरख में मु0अ0सं0 14/2026 के तहत धारा 318(4), 319(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है।
पुलिस की अपील: बैंक खाते और दस्तावेज किसी को न दें
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम, आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य बैंकिंग दस्तावेज उपलब्ध न कराएं। बैंक कभी भी फोन कर KYC अपडेट के नाम पर ओटीपी, पासवर्ड या गोपनीय जानकारी नहीं मांगता।
यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही व्हाट्सएप, कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले फर्जी निवेश और KYC अपडेट जैसे प्रस्तावों से सतर्क रहें।।
