।। सिद्धेश्वर पाण्डेय ।।
दो टूक ,आजमगढ़ । पुस्तकालय कक्ष के नाम परिवर्तन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। पूर्व राज्यसभा सदस्य नन्द किशोर यादव ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, आजमगढ़ को पत्र लिखकर इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और पूर्व में दिए गए नाम को यथावत रखने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि उनके पिता स्वर्गीय ईश्वरदत्त यादव एडवोकेट संघ के वरिष्ठ सदस्य रहे थे और उन्होंने भी संघ में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनके सांसद कार्यकाल के दौरान तत्कालीन कार्य समिति के अनुरोध पर सांसद निधि से स्व. ईश्वरदत्त यादव स्मृति पुस्तकालय कक्ष के निर्माण हेतु धन आवंटित किया गया था। इसके बाद पुस्तकालय कक्ष का शिलान्यास और निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत उसका लोकार्पण भी कराया गया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में जानकारी मिली है कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन द्वारा 30 मार्च 2026 को पारित प्रस्ताव के माध्यम से पुस्तकालय कक्ष का नाम परिवर्तित कर दिया गया है, जो अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि इस प्रकार के निर्णय भविष्य में जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के सहयोग की भावना को प्रभावित कर सकते हैं।
पूर्व सांसद ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से अनुरोध किया है कि 30 मार्च को पारित प्रस्ताव पर पुनर्विचार करते हुए पुस्तकालय कक्ष का नाम पुनः “पूर्ववर्ती स्व. ईश्वरदत्त यादव स्मृति पुस्तकालय कक्ष” ही रखा जाए, ताकि पूर्व में किए गए योगदान और सम्मान की भावना बनी रहे।
इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता समुदाय में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर बार एसोसिएशन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई है, जिससे इस विवाद का समाधान निकल
