बुधवार, 16 सितंबर 2026

गोंडा- इटियाथोक क्षेत्र के बेन्दुली मोड़ पर हुई अनेक मौतें, राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, सड़क चौड़ीकरण व पुलिस तैनाती की हुई मांग

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गोंडा- इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत खरगूपुर से इटियाथोक मार्ग पर 'बेन्दुली मोड़' पर लगातार हो रही भीषण सड़क दुर्घटनाओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ राष्ट्रीय छात्र पंचायत, गोंडा के कार्यकर्ताओं ने आज कड़े तेवर दिखाते हुए प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं ने बताया कि बेन्दुली मोड़ पिछले तीन वर्षों से हादसों का केंद्र बन चुका है। अकेले इसी एक स्थान पर पिछले तीन वर्षो में सड़क दुर्घटनाओं के कारण करीब दो दर्जन से अधिक बेकसूर लोग अपनी कीमती जान गंवा चुके हैं और अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हाल ही में हुई कुछ ताजा मौतों ने एक बार फिर स्थानीय लोगों और युवाओं को झकझोर कर रख दिया है।
संगठन ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि पहले इस संवेदनशील मोड़ पर सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस बल की तैनाती हुआ करती थी, जिसे बाद में अस्पष्ट कारणों से हटा लिया गया। पुलिस ड्यूटी हटने के बाद से यहां हालात और अधिक भयावह हो गए हैं और वाहन बेलगाम रफ्तार से निकलते हैं और दुर्घटनाये हो रही है। लगातार शिकायतों के बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे साफ है कि अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में हैं।

राष्ट्रीय छात्र पंचायत की प्रमुख मांगें----
आज सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने निम्नलिखित सूत्रीय मांगें प्रशासन के समक्ष रखी हैं:
1. मोड़ का चौड़ीकरण और पेड़ कटाई: बेन्दुली मोड़ के ठीक बगल में खड़े घने पेड़ को तुरंत कटवाया जाए, जिससे चालकों को आवागमन के दौरान स्पष्ट विजिबिलिटी (दृश्यता) मिल सके और इस खतरनाक मोड़ का चौड़ीकरण किया जा सके।
2. पुलिस बल की पुनः तैनाती: हादसों पर लगाम लगाने और यातायात को नियंत्रित करने के लिए बेन्दुली मोड़ पर तत्काल प्रभाव से पुलिस ड्यूटी दोबारा तैनात की जाए।
3. सुरक्षात्मक उपाय: दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मोड़ के दोनों तरफ मानक के अनुसार स्पीड ब्रेकर, चेतावनी/सांकेतिक बोर्ड और स्ट्रीट लाइटिंग की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
4. जिम्मेदारों पर कार्रवाई: पिछले 3 वर्षों में हुई इतनी मौतों के बाद भी संवेदनहीनता दिखाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।