लखनऊ :
50 हजार की मांग बनी महिला की मौत की वजह,आरोपी रिक्शा चालक गिरफ्तार।।
दुपट्टे से गला कसकर महिला की हत्या कर शव नहर किनारे था फेंका।।
दो टूक : लखनऊ के थाना मानक नगर क्षेत्र में महिला की हत्या कर शव नहर किनारे फेंकने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस टीम ने महज तीन घंटे में खुलासा करते हुए आरोपी रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 50 हजार रुपए के लेन देन के विवाद मे परिचित महिला की हत्या कर शव ठिकाने लगाया था।
विस्तार :
थाना मानक प्रभारी अजीत कुमार के अनुसार महिला पूजा उर्फ परवीन (28) की उसके साथ रहने वाले धीरज कुमार सोनकर (55) ने दुपट्टे से गला कसकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव को अपने ई-रिक्शा में लादकर नहर किनारे ले गया और उसे नहर में फेंकने का प्रयास किया, लेकिन पीछे से लोगों को आता देख शव फुटपाथ पर छोड़कर फरार हो गया।
50 हजार रुपये को लेकर हुआ था विवाद।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पूजा को करीब चार-पांच वर्षों से जानता था और दोनों के बीच परिचय था। पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त की रात पूजा ने आरोपी से 50 हजार रुपये मांगे। ई-रिक्शा लोन पर लेने और पैसे उपलब्ध न होने की बात कहने पर दोनों में विवाद हो गया। तड़के करीब 3 से 4 बजे विवाद बढ़ने पर आरोपी ने कथित तौर पर पूजा के दुपट्टे से उसका गला कस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
ई-रिक्शा में शव लादकर पहुंचा नहर किनारे।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे अपने ई-रिक्शा UP32RT5486 (बजाज गोगो) में लादा और डीआरएम पुलिया के पास नहर किनारे पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी शव को नहर में फेंकने की कोशिश कर रहा था, तभी पीछे से कुछ लोगों को आते देखकर वह घबरा गया और शव को नहर किनारे फुटपाथ पर छोड़कर ई-रिक्शा लेकर भाग निकला।
तहरीर मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस, तीन घंटे में गिरफ्तारी।
मृतका के पिता मुन्ना लाल मियां उर्फ टिंचू इस्लाम की तहरीर पर मानकनगर थाने में मु0अ0सं0 48/2026, धारा 103(1)/238(a) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष अजीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उपलब्ध साक्ष्यों और सूचनाओं के आधार पर आरोपी धीरज कुमार सोनकर को चिन्हित किया और 02 सितंबर को घटना के तीन घंटे के भीतर उसके दूसरे पते स्लीपर ग्राउंड, शांतिपुरम कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा भी बरामद किया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
