गौतमबुद्धनगर: हरिद्वार शिविर के बाद गौतमबुद्ध नगर में होगी किसान महापंचायत, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// ग्रेटर नोएडा, दनकौर, 10 जून। भारतीय किसान यूनियन की समीक्षा बैठक बुधवार को दनकौर में आयोजित की गई, जिसमें संगठन की आगामी रणनीति, हरिद्वार शिविर की तैयारियों तथा किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता राजाराम प्रधान ने की, जबकि संचालन सुनील प्रधान द्वारा किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 से 18 जून तक हरिद्वार में आयोजित होने वाले संगठन के शिविर को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जाएंगी। शिविर में टेंट, भोजन, आवास और स्वयंसेवकों की व्यवस्था पर चर्चा की गई। सभी कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे अपने साथ संगठन का झंडा और डंडा लेकर पहुंचें। शिविर के दौरान संगठन का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई। संगठन ने स्पष्ट किया कि हरिद्वार शिविर के बाद 18 जून के उपरांत गौतमबुद्ध नगर में एक बड़ी किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें 10 प्रतिशत किसान कोटा प्लॉट, आबादी निस्तारण और बिजली दरों में राहत जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन को आठ दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगों में 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, किसानों को 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट, आबादी निस्तारण, खाद की कालाबाजारी पर रोक तथा नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना शामिल है।
बैठक में संगठन के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय किया गया कि सभी गांवों में संगठन की इकाइयों का गठन शीघ्र पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही "किसान युवा संवाद" कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को संगठन से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना ने कहा कि यदि किसानों की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो हरिद्वार शिविर से ही राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा बड़े आंदोलन और महापंचायत की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में संगठन किसानों के हितों की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष करने को तैयार है।
बैठक में राजे प्रधान, धनीराम मास्टर, पवन खटाना, अनित कसाना, सुरेंद्र नागर, बेली भाटी, शमशाद सैफी, अकबर अली, धर्मपाल सिंह, ताराचंद, अशोक कुमार, चंद्रपाल सिंह, अजीत अधाना, ऋषि शर्मा, राजपाल सिंह, ऋषि सिंह, हनीफ लाला चौधरी, संदीप खटाना, योगेश भाटी, नवनीत खटाना, बृजपाल सिंह, सनी तंवर, अनिल धामा, अमित आदित्य शर्मा, मनीष सिंह, अमित जैलदार, सचिन, संदीप एडवोकेट, सचिन कसाना, अनिल, अमित डेढ़ा, गुलफाम, राकेश चौधरी, कपिल तंवर, चिराग बैसला, परविंदर मावी, लाला यादव, प्रकाश फौजी, केशव शर्मा, विजेंद्र सिंह लाल पीलवान, इंद्रजीत, इंद्रीश चेची, सरवर हुसैन, सुभाष, अर्जुन प्रधान, सूरज भाटी, कालू भाटी, विदुर भाटी, सतै भाटी, सुरेंद्र सिंह, गजेंद्र चौधरी, शाकीर सैफी, जीते गुर्जर, गुल्लू अट्टा, धर्मेंद्र भाटी, रामकुमार शर्मा, आलोक शर्मा, सुरेश नागर, वीरपाल नागर और हसरत समेत सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से संगठन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि किसानों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में गौतमबुद्ध नगर में बड़ा किसान आंदोलन देखने को मिल सकता है।
