गौतमबुद्धनगर: दादरी तहसील में गरजे भाकियू नेता अशोक भाटी, बोले- “किसानों का शोषण बंद नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन”
दो टूक//ग्रेटर नोएडा/दादरी। दादरी तहसील सभागार में किसानों की समस्याओं को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय किसान यूनियन के नोएडा जिलाध्यक्ष अशोक भाटी का आक्रामक तेवर देखने को मिला। बैठक में उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो भाकियू बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
बैठक की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी दादरी श्रीमती अनुज नेहरा ने की। इस दौरान तहसीलदार दादरी प्रतीक चौहान, एआर कोऑपरेटिव विवेका सिंह, सहायक विकास अधिकारी सर्वन सिंह, खंड विकास अधिकारी अशोक पाल, समाज कल्याण विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में भाकियू के दादरी जिलाध्यक्ष मनोज मावी समेत संगठन के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में बोलते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और अन्नदाता की लगातार अनदेखी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि किसान आज खाद, बीज, सिंचाई और सरकारी योजनाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हो रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गौतमबुद्ध नगर के सरकारी केंद्रों पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध नहीं है, जिससे किसान भारी संकट का सामना कर रहे हैं। किसान घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं, जबकि खुले बाजार में यही खाद दोगुने दामों पर आसानी से बेची जा रही है। अशोक भाटी ने कहा कि यह सब विभागीय मिलीभगत के बिना संभव नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अशोक भाटी ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से खेती-किसानी पर निर्भर है। ऐसे में किसानों को खाद और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए भटकाना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है, लेकिन वही किसान आज अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
बैठक के दौरान तालाबों के सौंदर्यीकरण, फार्मिंग रजिस्ट्री, गेहूं भरान, बोरियों की कमी और किसानों को योजनाओं का लाभ न मिलने जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। किसान नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और आम किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है।
इसके अलावा विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और विकलांग पेंशन में हो रही देरी को लेकर भी अधिकारियों से जवाब मांगा गया। दाखिल-खारिज, आय प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र समेत अन्य सरकारी सेवाओं में देरी पर भी भाकियू नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
अशोक भाटी ने साफ शब्दों में कहा कि यदि जल्द ही सभी सरकारी केंद्रों पर डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
बैठक की अध्यक्षता कर रहीं उप जिलाधिकारी अनुज नेहरा ने सभी अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी केंद्रों पर डीएपी एवं अन्य खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए। साथ ही उन्होंने किसानों की अन्य समस्याओं के भी शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
बैठक में तहसील अध्यक्ष नितिन भाटी, सिंहराज गुर्जर, कृष्ण भाटी, गजेंद्र रेक्सवाल सहित भाकियू के कई पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।।
