लखनऊ :
बेसमेंट की खुदाई के दौरान ढही मिट्टी हुआ हादसा दो मजदूर दबे एक की हुई मौत।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना विभूति खंड क्षेत्र मे गुरुवार सुबह एनटीपीसी कार्यालय के करीब निर्माणाधीन एक अस्पताल के बेसमेंट में खुदाई के दौरान मिट्टी ढहने दो मजदूर दब कर गए। मिट्टी धसने से मजदूरों मे हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस समेत आला अफसर मौके पर पहुंचे और फायर बिग्रेड और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर मजदूरों को मिट्टी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने एक मजदूर को मृतक घोषित कर दिया, जबकि दूसरे का इलाज चल रहा है।
मृतक मजदूर लक्ष्मी शंकर अवस्थी जबकि साथी तुलसीराम गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि ठेकेदार बिना मिट्टी के टीले (दीवार) में बैरीकेडिंग से रुकावट किए खुदाई करा रहा था।
विस्तार :
मिली जानकारी अनुसार गुरुवार की सुबह थाना विभूति खण्ड क्षेत्रांतर्गत एनटीपीसी कार्यालय के पास एक अस्पताल का निर्माण चल रहा है इसके बेसमेंट मे काम चल रहा था इसी दौरान अचानक मिट्टी खिसकने से दो मजदूर मिट्टी मे दब गए। हादसे के दौरान आनन फानन में साथी मजदूरों ने दोनों को मिट्टी से निकालने की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली और हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर स्थानीय पुलिस और गोमतीनगर फायर स्टेशन से टीम पहुंची। सभी ने मिलकर रेस्क्यू शुरू किया। टीमों ने मिलकर मजदूरों को खोज लिया। आनन फानन में दोनों को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंची। लोहिया में डॉक्टरों ने मजदूर लक्ष्मी शंकर को मृत घोषित कर दिया, जबकि तुलसीराम की हालत नाजुक देख भर्ती कर लिया। साथी मजदूरों और मृतक के परिवारीजनों ने निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इंस्पेक्टर विभूतिखंड अमर सिंह के मुताबिक हादसे में मृत मजदूर लक्ष्मी शंकर बाराबंकी के कीरतपुर के अमौली निवासी था। वहीं, घायल सफदरगंज के भीकम पट्टी गांव के रहने वाले हैं।
●बिना सुरक्षा मानकों के चल रही थी बेसमेंट में खुदाई।
मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिना सुरक्षा मानकों के बेसमेंट में मजदूरों से खुदाई कराई जा रही थी। अगर सुरक्षा मानक पूरे होते तो हादसा इतना बड़ा न होता। खुदाई के दौरान मिट्टी की दीवार अथवा टीले को धंसने से रोकने के लिए बैरीकेडिंग कर रुकावट करनी चाहिए। ताकि मिट्टी न धंसे।
खुदाई वाली जगह के चारों ओर कम से कम एक से डेढ़ मीटर ऊंची फेंसिंग या बैरिकेड लगाएं। अन्य तमाम गाइडलाइन का पालन करना चाहिए।।
