लखनऊ :
साइबर डकैतों ने फोन हैक कर 15 लाख की साइबर ठगी,साइबर क्राइम टीम ने त्वरित कार्यवाही से 09 लाख की धनराशि तत्काल फ्रीज कराई गई।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना जानकीपुरम इलाके मे रहने वाले ब्यक्ति का साइबर ठगों ने फोन हैंक कर पलक झपकते खाते 15 लाख रुपए पार कर दिया। पीड़ित की सूचना पर साइबर थाना लखनऊ की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आनलाइन ठगी की गई रकम से 09 लाख की धनराशि तत्काल फ्रीज करा कर सुरक्षित किया।
विस्तार :
अपर पुलिस उपायुक्त,अपराध किरन यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि
ध्रुव धनवानी पुत्र-भगवान दास धनवानी निवासी जानकीपुरम विस्तार लखनऊ का अज्ञात साइबर अपराधियो ने फोन को हैक करके कोटक महिन्द्रा बैंक खाते से एक ट्रान्जेक्शन द्वारा 15 लाख रूपये अवैध स्थानान्तरित कर लिए गए । पीड़ित की लिखित सूचना पर अपराध संख्या 23/2026, धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 66(C) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया।।
थाना साइबर क्राइम, कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा प्रकरण में तत्काल कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक एवं साइबर पोर्टल के माध्यम से ठगी गई ₹15,00,000/- की धनराशि में से ₹9,00,000/- (नौ लाख रुपये) फ्रॉडिस्ट के खाते में तत्काल फ्रीज करा दिए गए ।
इस सफल कार्यवाही पर वादी द्वारा साइबर क्राइम थाना लखनऊ पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया प्रकरण में शेष धनराशि की बरामदगी एवं अभियुक्तों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही हेतु विवेचना प्रचलित है।
पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना, कमिश्नरेट लखनऊ पुलिस का धन्यवाद दिया ।शिकायत पर तत्काल कार्यवाही करते हुए ₹15 लाख की ठगी गई धनराशि में से ₹9 लाख रुपये तत्काल फ्रीज कराए गए। पुलिस द्वारा की गई त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही से मुझे न्याय मिलने की आशा है।"
धनराशि फ्रीज कराने में सक्रिय अधिकारी,कर्मचारी।
1. प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव साइबर क्राइम थाना लखनऊ।
2. निरीक्षक सुनील कुमार सिंह साइबर क्राइम थाना लखनऊ।
3. आरक्षी सुरजीत कुमार यादव साइबर क्राइम थाना लखनऊ |
इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने आम जनमानस से अपील करते सलाह दी कि
➤ किसी भी अज्ञात लिंक, APK फाइल अथवा संदिग्ध एप्लीकेशन को डाउनलोड न करें।
➤ मोबाइल, इंटरनेट बैंकिंग एवं UPI की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
➤ फोन हैक होने अथवा साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर अपराध के मामलों को पुलिस अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पीड़ितों की धनराशि की शीघ्र रिकवरी के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस प्रकरण में भी त्वरित कार्रवाई कर ₹ 09 लाख की राशि फ्रीज कराई गई है । साथ ही, आरोपियों की पहचान कर उन्हें ट्रैक किया जा रहा है तथा उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हमारा उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करना और अपराधियों को कानून के दायरे में लाना है।
