लखनऊ :
WhatsApp हैक कर डॉक्टर बन ठगों ने महिला से उड़ाए ₹71 हजार, रिपोर्ट दर्ज।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने एक बार फिर भरोसे का फायदा उठाकर बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम दिया। इस बार जालसाजों ने एक डॉक्टर का WhatsApp अकाउंट हैक कर उनके परिचित से तत्काल पैसों की जरूरत बताकर ₹71 हजार अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। पीड़िता की शिकायत पर कृष्णानगर थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विस्तार :
मिली के अनुसार कोतवाली कृष्णानगर क्षेत्र के नारायणपुरी निवासी रीता सिंह ने थाने में तहरीर देते एफआईआर दर्ज कराई है ।
इन्बहोने पुलिस को बताया कि 27 जुलाई 2026 को उनके परिचित डॉ. कमलेश कुमार का WhatsApp अकाउंट अज्ञात साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। इसके बाद ठगों ने डॉक्टर के ही नंबर से रीता सिंह को संदेश भेजकर खुद को डॉक्टर बताते हुए तत्काल पैसों की जरूरत होने की बात कही।
चूंकि संदेश परिचित के वास्तविक WhatsApp नंबर से आया था, इसलिए रीता सिंह को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने ठगों के बताए अनुसार दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ₹46 हजार और ₹25 हजार, कुल ₹71 हजार UPI के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए।
कुछ समय बाद जब वास्तविकता सामने आई तो उन्हें साइबर ठगी का अहसास हुआ। इसके तुरंत बाद पीड़िता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही साइबर सेल में भी शिकायत दी, जहां शिकायत संख्या 2641/2026 दर्ज की गई।
साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर अब कृष्णानगर थाने में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ट्रांजेक्शन की जांच, बैंक खातों और UPI आईडी का विवरण जुटाने के साथ-साथ ठगी की रकम को होल्ड कराने और आरोपियों की पहचान में जुटी है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि WhatsApp, सोशल मीडिया या किसी भी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर बिना पुष्टि किए कोई भी रकम ट्रांसफर न करें। संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर बात कर सत्यापन अवश्य करें, क्योंकि साइबर अपराधी अब परिचितों के अकाउंट हैक कर लोगों को आसानी से अपना शिकार बना रहे हैं।
