बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट: गौतमबुद्धनगर में नालों की सफाई की व्यापक समीक्षा, जलभराव रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 08 जुलाई। मानसून के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद के सभी नालों और नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था तथा संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की रोकथाम को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी स्थान पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए और आमजन के साथ किसानों को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में सिंचाई विभाग, नगर निकायों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने नाला सफाई कार्यों की प्रगति से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में गौतमबुद्धनगर जनपद में कुल 50 नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई 320.82 किलोमीटर है। विभागीय मानकों के अनुसार नालों की क्षमता के आधार पर दो, तीन और पांच वर्ष के अंतराल पर उनकी सफाई कराई जाती है।
समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद 13 प्रमुख नालों की 146.46 किलोमीटर लंबाई में सफाई कार्य स्वीकृत किया गया था, जिसे निर्धारित समय सीमा 30 जून तक शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों ने दावा किया कि बारिश से पहले प्रमुख नालों की सफाई पूरी होने से जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में जिला गंगा समिति के सदस्यों ने वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी नालों की सफाई प्रतिवर्ष कराने की मांग उठाई। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित हवेलियां ड्रेन की सफाई का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया। इस पर सिंचाई निर्माण खंड के अधिकारियों ने बताया कि ड्रेन की सफाई का प्रस्ताव ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को भेज दिया गया है और धनराशि मिलते ही कार्य शुरू कर शीघ्र पूरा कराया जाएगा।
जनपद की सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में नाला-नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ नियमित रूप से नालों और नालियों की सफाई कराते रहें तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि कहीं भी जलभराव की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को आवागमन में दिक्कत न हो और किसानों की फसलें भी प्रभावित न हों।
मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि नाला सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन लगाकर जल निकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मानसून के पूरे सीजन में सक्रिय रहकर समय-समय पर निरीक्षण करते रहें, जिससे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
बैठक में प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल, प्रभारी जिला विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, सिंचाई विभाग के विभिन्न अधिकारियों तथा जनपद की सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान गौतमबुद्धनगर में जलभराव की समस्या को रोकना और आमजन को राहत प्रदान करना रहा।।
