बुधवार, 8 जुलाई 2026

हरित गौतमबुद्धनगर की दिशा में बड़ा कदम: 10.56 लाख पौधरोपण का लक्ष्य, हिण्डन-यमुना प्रदूषण रोकने और बाढ़ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश!!

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हरित गौतमबुद्धनगर की दिशा में बड़ा कदम: 10.56 लाख पौधरोपण का लक्ष्य, हिण्डन-यमुना प्रदूषण रोकने और बाढ़ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 08 जुलाई 2026। जनपद को पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में नई गति देने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वृक्षारोपण, गंगा एवं यमुना संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, ग्रीन चौपाल और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2026-27 के लिए शासन द्वारा गौतमबुद्धनगर को 10 लाख 56 हजार पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को सफल बनाने के लिए भूमि चिन्हांकन, विभागवार कार्ययोजना तैयार करने तथा पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। साथ ही वर्ष 2025-26 के वृक्षारोपण और विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए गए पौधों की जियो टैगिंग भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जियो टैगिंग, पौधों का सत्यापन, भूमि चिन्हांकन तथा पोर्टल पर डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित न रहे, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और उनकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में यह भी बताया गया कि जनपद की सभी 82 ग्राम पंचायतों में गठित ग्रीन चौपालों के माध्यम से आमजन की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इन चौपालों के जरिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और अधिकाधिक पौधरोपण के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि हरित अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सके।

जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान हिण्डन एवं यमुना नदियों में गिरने वाले अनटैप्ड ड्रेनों के उपचार, प्रदूषण नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जिला गंगा एक्शन प्लान, सहायक नदियों के पुनरोद्धार तथा ओखला बैराज डाउनस्ट्रीम स्थित छठ घाट परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नमामि गंगे अभियान के तहत सभी परियोजनाओं में तेजी लाई जाए और एनएमसीजी पोर्टल पर सूचनाएं नियमित रूप से अपडेट की जाएं।

मुख्य विकास अधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने, अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा नदियों और जल स्रोतों को प्रदूषित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और शासन के सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता के साथ अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनपद में पर्यावरण संरक्षण के प्रयास और अधिक प्रभावी बन सकें।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी रजनीकांत मित्तल, प्रभारी जिला विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना प्राधिकरण, विद्युत विभाग, पंचायत राज विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों से समन्वय बनाकर हरित एवं स्वच्छ गौतमबुद्धनगर के लक्ष्य को सफल बनाने का आह्वान किया गया।।