मंगलवार, 9 जून 2026

गौतमबुद्धनगर: बालिकाओं को मिले अधिकारों की जानकारी, विधिक जागरूकता शिविर में शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का दिया गया संदेश!!

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गौतमबुद्धनगर: बालिकाओं को मिले अधिकारों की जानकारी, विधिक जागरूकता शिविर में शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का दिया गया संदेश!!
 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 09 जून। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतमबुद्धनगर द्वारा किशोरियों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जगशांति उद्यान गृह (बालिका गृह), सेक्टर गामा-1, ग्रेटर नोएडा में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बालिकाओं को शिक्षा के अधिकार, मानव तस्करी, यौन शोषण से सुरक्षा तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतमबुद्धनगर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत ने की। यह शिविर बालिका गृह में चल रहे समर कैंप के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शिविर के दौरान वक्ताओं ने बालिकाओं को बताया कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को कक्षा 1 से 8 तक निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान की जाती है। शिक्षा न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम भी है।

कार्यक्रम में मानव तस्करी और यौन शोषण जैसे गंभीर अपराधों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। किशोरियों को बताया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 और 24 के तहत प्रत्येक नागरिक को शोषण के विरुद्ध संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। संविधान मानव तस्करी, बेगार और जबरन मजदूरी जैसे अपराधों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है तथा ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

विशेषज्ञों ने बालिकाओं को अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956, पॉक्सो अधिनियम तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में कानूनी सहायता प्राप्त करना उनका अधिकार है। साथ ही उन्हें हेल्पलाइन सेवाओं एवं निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवानी रावत ने कहा कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना स्वयं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने किशोरियों से शिक्षा को जीवन का आधार बनाने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कानूनी सहायता लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं ने विभिन्न कानूनी विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं प्रभावी ढंग से समाधान किया गया। इस अवसर पर जगशांति उद्यान गृह की प्रबंधक निधि, गृह का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में किशोरियां उपस्थित रहीं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल बालिकाओं को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण संबंधी जानकारी देकर उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।।